छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा के साथ-साथ अब व्यवसायिक शिक्षा की अभिनव शुरूआत…..

मुख्यमंत्री 17 सितम्बर को पाटन से रोजगारोन्मुखी शिक्षा पाठ्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

रायपुर – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप प्रदेश में छात्र-छात्राएं अब स्कूली शिक्षा के साथ-साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रम का लाभ भी उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल 17 सितम्बर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में रोजागारोन्मुखी शिक्षा पाठ्यक्रम का शुभारंभ पाटन से करेंगे। रोजागारोन्मुखी शिक्षा पाठ्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग और आईटीआई द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है।

हायर सेकेण्डरी कक्षाओं के विद्यार्थी मुख्य विषयों की शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही पांचवें विषय के रूप में रोजगारोन्मुखी शिक्षा पाठ्यक्रम का चयन कर सकेंगे। छात्रों के लिए वेल्डर ट्रेड तथा छात्राओं के लिए स्टेनोग्राफी हिन्दी पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। वेल्डर ट्रेड एवं स्टेनोग्राफी हिन्दी का पाठ्यक्रम दो वर्षाें का होगा। जिसे विद्यार्थी 11वीं एवं 12वीं की शिक्षा प्राप्त करने के दौरान पूरा करेंगे।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा रही है कि विद्यार्थी हायर सेकेण्डरी की शिक्षा के दौरान रोजगारोन्मुखी व्यवसायिक शिक्षा भी हासिल करें, ताकि उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग और आईटीआई मिलकर रोज़गार मूलक कोर्स कल पाटन से प्रारम्भ कर रहे हैं।मुख्यमंत्री 17 सितम्बर को 11 बजे इसका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे।

यह एक बहुत बड़ा और व्यापक बदलाव लाने वाला कदम है। मूल विषयों के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा पाठ्यक्रम को उत्तीर्ण करने वाले कक्षा 12 वीं के विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिससे वे उच्च शिक्षा में प्रवेश ले सकते हैं।12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आईटीआई का प्रमाणपत्र भी मिलेगा, जिससे वे रोज़गार प्राप्त कर सकेंगे। दोनों कोर्स एक साथ चलेंगे। कल पाटन में बालिकाओं के लिए स्टेनोग्राफी और बालकों के लिए वेल्डिंग का कोर्स प्रारम्भ किया जा रहा है।

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