रायपुर – हाल में पारित किए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का जम्मू मंडल में कोई असर नहीं देखा गया। संवाददाता ने बताया है कि जम्मू मंडल में बंद के आह्वान के बावजूद सामान्य जीवन प्रभावित नहीं हुआ।बाजार खुले रहे और सड़कों पर यातायात भी सामान्य रहा।सभी केंद्रीय और केंद्र शासित प्रदेश के कार्यालयों, बैंकों और डाकघरों में कामकाज सामान्य रूप से चला।जम्मू मंडल में पेट्रोल पंप भी खुले रहे। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए थे।

उत्तराखंड में किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए तथा विपक्षी दलों द्वारा समर्थित भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। हमारे संवाददाता ने बताया है कि राज्य के सभी कार्यालय, बैंक और वाणिज्यिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलीं। सड़कों पर भी यातायात सामान्य रहा। हरिद्वार, देहरादून और कुछ अन्य स्थानों से किसानों और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के समाचार मिले।

हिमाचल प्रदेश में भारत बंद के किसान यूनियनों के आह्वान का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया और राज्‍य में ज्‍यादातर दुकानें तथा व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठान खुले रहे। लेकिन कांग्रेस और सेंटर फार इंडियन ट्रेड यूनियन्‍स–सीटू ने राजधानी शिमला और अन्‍य जि़लों में अलग से धरना दिया। शिमला में माल रोड तथा मिडिल और लोअर बाजार में ज्‍यादातर दुकानें खुली रहीं। सड़कों पर अवरोध खड़े करने की कुछ घटनाओं के अलावा शिमला में सड़क यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा।

मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारत बंद के आह्वान को असफल करार देते हुए कहा कि इसका राज्‍य पर कोई असर नहीं पड़ा।मुख्‍यमंत्री ने आशा व्‍यक्‍त की है कि किसानों के मुद्दों को बातचीत के ज़रिए जल्‍द से जल्‍द सुलझा लिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि देश के किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व पर पूरा भरोसा है।

महाराष्ट्र में किसानों द्वारा भारत बंद के आह्वान का मिला जुला असर देखा गया। राज्य के कुछ हिस्सों में बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किए। कुछ लोगों ने आज सुबह बुलढाणा जिले में एक ट्रेन को और मुम्बई-आगरा राजमार्ग को रोकने का प्रयास किया। लेकिन, प्रशासनिक अमले ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को शीघ्र ही सामान्य कर दिया।

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