अगर आप डायबिटीज रोगी हैं या फिर डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं तो आपको अपनी डाइट में से कुछ खाद्य पदार्थों को बाहर करने की जरूरत होती है,जिसमें से एक है आलू।स्टार्च युक्त सब्जी के रूप में मशहूर और पूरी दुनिया में पर्याप्त मात्रा में पाया जाने वाला आलू कई संस्कृतियों का एक मुख्य भोजन है, जो अचानक से अनहेल्दी माना जाने लगा है। यह सामान्य रूप से भी आपको ठीक लग सकता है क्योंकि आलू में मौजूद हाई कार्बोहाइड्रेट की मात्रा के कारण बहुत से डॉक्टर इसे बेस्ट फूड की श्रेणी से बाहर कर चुके हैं, जो आपका ब्लड शुगर बढ़ाने का काम करता है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि डायबिटीज रोगियों को आलू का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए? अगर आपको भी आलू बेहद पसंद है लेकिन ब्लड शुगर बढ़ने के डर से आप इसका सेवन नहीं कर रहे हैं तो हम आपकी इस दुविधा को हल करने जा रहे हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे की कैसे आलू का सेवन आपके लिए फायदेमंद है या फिर नुकसानदायक।

आलू और ब्लड शुगर के बीच संबंध

जब भी हम कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं तो हमारा शरीर इसे ग्लूकोज नाम के एक साधारण शुगर में बदल देता है। ग्लूकोज के अणु फिर हमारे रक्त प्रवाह में प्रवेश करते हैं और हमारे ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन करता है। इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन है, जो ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करने और ऊर्जा के रूप में सेवन करने की अनुमति देता है। चूंकि डायबिटीज रोगी बहुत अधिक इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाते हैं इसलिए ग्लूकोज के अणु कोशिका में प्रवेश करने और रक्त में बने रहने में विफल साबित होते हैं, जिसके कारण ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है।

इसलिए बरसों से सुनी जा रही बात कि आलू मधुमेह रोगियों के लिए खतरनकार साबित होता है दरअसल ऐसा है नहीं। भले ही ये एक स्टार्ची फूड हो लेकिन एक मधुमेह रोगी अभी भी एक स्वस्थ आहार के हिस्से के रूप में आलू का आनंद ले सकता है। उन्हें बस अपने पाचन योग्य कार्ब सेवन को सीमित करना होगा। इसके अलावा, आलू फाइबर से समृद्ध होता है, जो आपका पेट अधिक समय तक फुल रखने में मदद कर सकता है। यह जिंक, मैंगनीज, पोटेशियम, आयरन, विटामिन बी और विटामिन सी जैसे पोषक तत्वों से भी भरा होता है।

एक डायबिटिक को प्रतिदिन कार्ब्स की बहुत कम (20-50 ग्राम) मात्रा से लेकर साामान्य 100-150 ग्राम) मात्रा का सेवन करना चाहिए। नकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही मात्रा अक्सर बदलती रहती है।

आलू में मौजूद कार्ब की मात्रा

एक छोटे आलू में लगभग 30 ग्राम कार्ब्स होते हैं और एक बड़े आलू में लगभग 65 ग्राम कार्ब्स होते हैं। हालांकि, आलू तैयार करने के तरीके के आधार पर ये संख्या भिन्न-भिन्न हो सकती है।75 से 80 ग्राम के आलू में कार्ब की मात्रा विभिन्न तरीकों से तैयार करने पर अलग-अलग हो सकती हैं:

  • कच्चा आलू: 12 ग्राम
  • उबला हुआ आलू: 15 ग्राम
  • पका हुआ आलू: 13 ग्राम
  • माइक्रोवेव वाला आलू: 18 ग्राम
  • डीप-फ्राइड आलू : 37 ग्राम

आलू खाने का सही तरीका

अपने कार्ब सेवन को नियंत्रित करने के लिए हमेशा उबले हुए, ग्रील्ड और आलू के थोड़े से भूने रूप को प्राथमिकता देनी चाहिए। आप आलू को अन्य फाइबर युक्त सब्जियों जैसे सेम के साथ भी पका सकते हैं। यह पाचन प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करेगा और ब्लड शुगर के स्तर में बढ़ोत्तरी को भी रोक देगा।

आलू में मध्यम से उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) होता है। लेकिन जीआई अकेले ही ब्लड शुगर के स्तर पर भोजन के प्रभाव को नहीं बढ़ाता है। बल्कि आपका पोर्शन कंट्रोल भी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है।

स्वस्थ रहने की कोशिश करते समय, पोर्शन कंट्रोल के नियमों का पालन करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। डायबिटीज होने पर इसी अभ्यास को करने की आवश्यकता होती है खासकर जब आप स्टार्चयुक्त भोजन करना चाहते हैं। अपनी प्लेट में एक चौथाई हिस्से से अधिक स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों को न भरें क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

आलू की जगह और कौन से फूड हैं हेल्दी

अगर आप आलू से प्यार करते हैं और उन्हें अपने आहार में शामिल करना चाहते हैं तो यह अलग बात है। लेकिन अगर आप स्वस्थ विकल्पों की तलाश कर रहे हैं तो ये कुछ सब्जियां हैं जो आपके लिए एक हेल्दी विकल्प साबित हो सकती हैं।

  • शकरकंद
  • ब्रोकोली
  • गाजर
  • गोभी
  • शिमला मिर्च
  • पालक और अन्य पत्तेदार साग
  • टमाटर

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