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कलेक्टर हो तो ऐसा,जानिए क्या है खास बात,पूरी खबर पढ़ेंगे तो आप भी करेंगे सलाम….

If you are a collector

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कलेक्टर ने ड्राइवर से कहा-आज तुम रिटायर हो रहे हो तो मेरी सीट पर बैठो मैं पूरे दिन गाड़ी चलाऊंगा

कलेक्टर की गाड़ी चलाने वाले दिगंबर ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके रिटायरमेंट पर कोई कलेक्टर उन्हें एक दिन का साहब बनाकर खुद ड्राइवर बनकर सम्मान देगा।

यह खबर है अकोला(महाराष्ट्र) की कलेक्टर ने अपने ड्राइवर से कहा आज तुम मेरी गाड़ी की स्टेयरिंग नहीं संभालोगे।आज तुम मेरी सीट पर बैठो।मैं स्टेयरिंग संभालूंगा।तुम्हारे रिटायरमेंट पर मेरा गाड़ी चलाने का मन कर रहा है।जब महाराष्ट्र के अकोला जिले के कलेक्टर श्रीकांथ ने अपने ड्राइवर दिगंबर ठाक से यह बात कही तो दिगंबर की आंखें खुशी के आंसुओं से छलछला उठीं और वे नहीं साहब… नहीं साहब….कहने लगे फिर भी कलेक्टर साहब नहीं माने और अपने ड्राइवर को पीछे बैठाकर घर से ऑफिस तक लेकर आए।ऐसी विदाई की उम्मीद किसी सरकारी ड्राइवर ने सपने में भी नहीं सोची होगी,जैसी विदाई दिगंबर को मिली।

कलेक्टर खुद पहुंच गए घर ड्राइवर को लेने

खास बात है कि डीएम श्रीकांथ ने अपनी बत्ती लगी कार को पहले सरकारी आवास पर फूलों से सजवाया।फिर खुद कार ड्राइव करते हुए ड्राइवर दिगंबर के घर पहुंचे। अपने घर कलेक्टर को आया देख दिगंबर का परिवार खुशी से झूम उठा तो आंखों में अचरज भी रहा।कलेक्टर ने कहा कि तुमने इतने वर्षों तक तमाम कलेक्टर की सेवा की है,आज तुम्हारी सरकारी सेवा के आखिरी दिन मैं ड्राइवर बनना चाहता हूं।ड्राइवर दिगंबर ने कलेक्टर से हाथ जोड़ लिए-साहब यह मेरी औकात नहीं। मुझे इतना सम्मान मत दीजिए।मगर कलेक्टर मानने को तैयार ही नहीं हुए। कलेक्टर की जिद पर ड्राइवर दिगंबर को झुकना पड़ा।

जब कलेक्टर की सीट से ड्राइवर को उतरता देख ऑफिस वाले रह गए दंग

सुबह दस बजे अकोला कलेक्ट्रेट में कलेक्टर ऑफिस के सामने कलेक्टर की कार आई।कार को सजा देख लोगों को अचरज हुआ।जब कार की पीछे स्थित कलेक्टर की सीट पर ड्राइवर को और आगे ड्राइवर की सीट पर कलेक्टर को स्टाफ ने बैठा देखा तो उनका अचरज और बढ़ गया। गाड़ी से उतरते ही कलेक्टर ने सबका अभिवादन स्वीकारने के बाद कहा कि-आज हमारे चालक दिगंबर की सरकारी सेवा का आखिरी दिन है। आज रिटायर हो रहे हैं।तो मैने सोचा क्यों ने आज मैं इन्हें कुछ सरप्राइज दूं। तो मैं ड्राइवर बन गया और ये हमारे साहब।

18 कलेक्टर की गाडी चलाई मगर श्रीकांथ सर ने जो सम्मान दिया जिंदगी भर नहीं भूलेगा उन्होंने 35 साल सरकारी ड्राइवर की नौकरी की। कुल 18 जिला कलेक्टर की गाड़ी चलाई।मगर जो सम्मान श्रीकांथ सर ने दिया वह सपने भी नहीं सोचा था।

ड्राइवर दिगंबर ठाक
 If you are a collector

दिगंबर ने हमेशा अफसरों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की सेवा का बखूबी निर्वहन किया।ऐसे में उन्हें यादगार तोहफा पाने का हक था/

कलेक्टर श्रीकांत

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