student stress

रायपुर- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) कक्षा 12वीं व कक्षा 10वीं का परिणाम जारी हो चुका है।लाखों छात्र सीबीएसई बोर्ड के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे थे।परीक्षा और परिणाम के इस मौसम में छात्रों और अभिभावकों दोनों को ही परिणाम की चिंता का सामना करना पड़ता है।इससे छात्रों का मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य और सामाजिक व्यवहार के पैटर्न पर गंभीर बदलाव देखने को मिलते हैं।रिजल्‍ट जारी होने के बाद कुछ को खुशी और कुछ में दुःख की भावना उत्‍पन्‍न होने लगती है,जबकि ऐसे परिवर्तन शरीर के लिए सही नहीं है।

दरअसल हमें यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि-एक-मार्कशीट किसी व्यक्ति के मूल्य का निर्धारण नहीं करती है,न ही एक परीक्षा में कम अंक किसी के पूरे भविष्य का पाठ्यक्रम निर्धारित करते हैं।हमारे देश और दुनिया में लोगों की कई प्रेरक कहानियां हैं जो अकादमिक रूप से अच्छी तरह से स्कोर नहीं करने के बावजूद सफल हुए हैं।इसके अलावा,विफलता अक्सर एक सीख देती है जो सामान्य पाठ्यक्रम में विचार नहीं किए गए अवसरों और विकल्पों को खोलती है।इसलिए जिंदगी में जो भी आप करें उसे अच्‍छा करें।यहां हम स्‍टूडेंट्स के साथ पेरेंट्स के लिए कुछ ऐसे टिप्‍स बता रहे हैं जो रिजल्‍ट के खराब परिणामों को देखने के बाद उनके मानसिक स्‍वस्‍थ्‍य में सकारात्‍मक परिवर्तन लाएंगे।

स्‍टूडेंट्स के लिए सलाह

अपने परिणामों का सही मूल्‍यांकन करें- भावनाओं को नियंत्रण में रखें,चिंता पर काबू रखें और पहली बार में आपको जो कुछ भी मिला है उस पर ध्‍यान से नजर डालें,उसका आंतरिक मूल्‍यांकन करें।

अपने विकल्पों का मूल्यांकन करें- तुरंत अगले चरणों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू करें।

खुद पर ध्यान केंद्रित करें और ये सोचें कि आपको क्‍या करना है- अपने दोस्तों के परिणामों से अपना तुलनात्मक मूल्‍यांकन न करें।

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आत्म-विश्वास को प्रोत्साहित करें और व्यावहारिक रूप से सोचें- आपके अंदर क्या ऐसी कमजोरियां हैं जिन्हें सुधारा जा सकता है,या आपको एक वैकल्पिक रणनीति अपनानी चाहिए जिससे अगले वर्ष की परीक्षा के परिणाम में सुधार किया जा सके।

सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें – परिणाम केवल इस बात का संकेत हैं कि आप इस वर्ष कहां हैं,ये कोई भविष्यवाणियां नहीं हैं कि आप अगले वर्ष कहां हो सकते हैं, इसलिए मेहनत करें और आगे बढ़ें।

पेरेंट्स के लिए सलाह

बच्‍चों से हमेशा यथार्थवादी अपेक्षाएं रखें- परीक्षा का परिणाम कुछ भी उनपर किसी तरह का दबाव न बनाएं,बल्कि उनको उत्‍साहित करें।

अपने आप को शांत करें- याद रखें कि आपके बच्चे को वर्तमान स्थिति में आपकी सबसे ज्यादा जरूरत है और आपकी चिंता बच्चे को प्रभावित कर सकती है।

यदि परिणाम अपेक्षाओं से कम हैं,तो अपने बच्चे के साथ परिणामों और कारणों पर स्पष्ट रूप से बातचीत करें।

अगले चरणों पर ध्यान केंद्रित करें यदि आपको लगता है कि आपका बच्चा तनावग्रस्त है,तो किसी काउंसलर की मदद लेने में संकोच न करें।

सामाजिक मानदंडों और अपेक्षाओं के बारे में चिंता करना बंद करें: यह चिंता न करना गलत है कि उनके दोस्त और रिश्तेदार क्या कहेंगे, अगर परिणाम संतोषजनक नहीं है।

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