बंद नल-जल योजनाओं को क्रियाशील बनाने सरकार चलाएगी विशेष अभियान

रायपुर – ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति के लिए सरकार बंद पड़े नल- जल योजनाओं को क्रियाशील करेगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सभी जिलों को इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले में 15 दिन के भीतर बंद पड़ी योजनाओं को क्रियाशील कर इसकी रिपोर्ट भी मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।

सचिव परदेशी और जल जीवन मिशन संचालक एस. प्रकाश ने सोमवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। इसमें राज्य के ग्रामीण अंचल में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को पेयजल स्रोतों की स्थिति का निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

परदेशी ने कहा कि वर्तमान समय में ग्रामीण अंचल में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना विभाग की सर्वोधा प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल योजनाओं की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने के लिए विभाग के मैदानी अमले को अलर्ट करने के भी निर्देश दिए।

सचिव परदेशी ने राज्य में पहले से संचालित 4907 नल-जल योजनाओं जिसमें रेट्रोफिटिंग के कार्य की आवश्यकता है। ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता से प्रशासकीय स्वीकृति जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से प्राप्त कर निविदा कार्य पूर्ण कर कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। परदेशी ने स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवनों में रनिंग वाटर के कार्यों को पंचायत के माध्यम से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक पूर्ण कार्यों को भारत सरकार की विभागीय वेबसाईट में दर्ज करने के भी निर्देश दिए।

कांकेर और रायगढ़ को मिली सराहना

बैठक के दौरान परदेशी ने कांकेर और रायगढ़ जिले में जल-जीवन मिशन के कार्यों के कार्यादेश जारी होने पर बधाई देते हुए सराहना की। मिशन संचालक प्रकाश ने बैठक के दौरान जल गुणवत्ता परीक्षण में अब तक दर्ज प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और अब तक जांच किए गए स्रोतों की जानकारी अप्रैल 2021 के प्रथम सप्ताह तक वेबसाइट में दर्ज करने के निर्देश दिए।

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