पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर तत्काल रोक लगाए सरकार- भाकपा कोण्डागांव

कोंडागाँव MyNews36 प्रतिनिधि- भारतीय कम्युनिश्ट पार्टी कोण्डागांव द्वारा 20 जून को माननीय महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधान मंत्री के नाम प्रेषित पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर तत्काल रोक लगाये जाने संबंधी ज्ञापन को कलेक्टर कोण्डागांव को सौंपा गया।

सीपीआई कोण्डागांव के जिला सचिव का.तिलक पाण्डे के नेतृत्व में का.शैलेष शुक्ला, रोहित सिंह ठाकुर, रामकुमार नेताम, दिनेष मरकाम, जयप्रकाश नेताम, लक्ष्मण महावीर आदि के साथ जिला कार्यालय में पहुंचकर कलेक्टर को सौंपे गए उक्त ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में पुरा देश कोविड 19 कोरोना बीमारी के संक्रमणकाल से गुजर रहा है। देश की आर्थिक व्यवस्था पूर्ण रुप से चरमरा गई है। ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार ने जनविरोघी निर्णय लेते हुए पेट्रोल व डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि कर पेट्रोल व डीजल की कीमतें क्रमषः 79 व 77 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। पेट्रोलियम प्लानिंग एनालिसिस सेल के आंकड़ों के मुताबिक बास्केट में क्रूड आयल की कीमत 19.90 डालर प्रति बेरल है, उस आधार पर ही केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल के दाम निर्धारित किए जाने चाहिए।

पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि से आवष्यक वस्तुओं की कीमतों में बेहताषा वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। एक ओर जहाॅ कोविड 19 संक्रमणकाल से बचाव हेतु किए गए लंबे लाॅकडाउन के दौरान काम काज बंद रहने की वजह से लोंगों की क्रय शक्ति घट गई है। वहीं केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है, जिसकी वजह से आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। जब अन्तर्राश्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मूल्य को आधार बनाकर डीजल व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में बार-बार बृद्धि की गई है, तो अब उसमें उतनी ही कमी क्यों नहीं की जानी चाहिए।

मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बाजार के हवाले कर दिये हैं। पेट्रोल-डीजल के कीमतों पर से सरकार का नियन्त्रण मुक्त किये जाने के दौरान दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम अब अन्तर्राश्ट्रीय बाजार में तेल के कीमतों की घटबढ़ के आधार पर तय होगें। अब बाजार अर्थव्यवस्था पेट्रोल-डीजल के दामों में उतनी कमी क्यों नहीं कर रहा है जितनी अन्तर्राश्ट्रीय भाव में कमी आ चुकी है। पेट्रोलियम उत्पादों में कमी का उद्देष्य यह है कि इससे मंहगाई पर रोक लगाई जाय।

भारतीय कम्युनिश्ट पार्टी षासन से मांग करती है कि अन्तर्राश्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्य में आयी कमी के आधार पर ही देष में पेट्रोलियम उत्पादों का मूल्य निर्धारित करने के साथ ही आवश्यक वस्तुओं के मुल्यों की समीक्षा कर उनके मूल्यों को नियंत्रित करे, ताकि आम लोगों को कोविड 19 संक्रमणकाल में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके।

Mynews36 प्रतिनिधि राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

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