नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति लाने की तैयारी में सरकार,100 पर्यटक स्थल बनाए जाएंगे स्मार्ट

आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर देश में पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए वैश्विक सुविधाओं के साथ 20 अति विशिष्ट पर्यटक स्थलों (आइकॉनिक साइट) का मॉडल के तौर पर विकास किया जाएगा। इसके अलावा देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए 100 स्मार्ट पर्यटक स्थल भी विकसित किए जाएंगे। यह प्रस्ताव नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति के मसौदे में किया गया है। पर्यटन मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार इस मसौदा नीति में राज्यों के सुझावों को भी शामिल किया गया है।

देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति के मसौदे को जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। अति विशिष्ट पर्यटक स्थल (आइकॉनिक साइट) की योजना में स्मारकों व स्थलों का विकास विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में करने की बात कही गई है ताकि उन्हें मॉडल के रूप में पेश किया जा सके। इनके आसपास पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास किया जाना है। इसमें सड़क, आधारभूत संरचना, होटल, लॉज, संपर्क आदि से संबंधित काम शामिल हैं।

जल्द ही कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा मसौदा

स्मार्ट पर्यटक स्थलों पर ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी जिससे अधिक से अधिक विदेशी और घरेलू पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। पर्यटन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नई नीति के मसौदे को राज्यों और अन्य पक्षकारों के साथ साझा किया गया था। इस पर राज्यों की ओर से कई सुझाव मिले थे। उन्होंने कहा, इन सुझावों के अनुरूप मसौदा नीति में संशोधन करके उसे फिर से राज्यों को भेजा गया था। मसौदे को जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट में पेश जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि देश में इससे पहले राष्ट्रीय पर्यटन नीति साल 2002 में आई थी। हालांकि, व्यापक और एक दूसरे से जुड़ी वैश्विक गतिविधि और विकास व पर्यटन क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए एक नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति की जरूरत महसूस की गई। मसौदे में कहा गया है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये आइकॉनिक साइट योजना के तहत 20 स्थलों का विकास किया जाएगा। वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में आइकॉनिक साइट के विकास का प्रस्ताव किया गया था ।

राजमार्गों पर हर 75 किमी पर विकसित होंगी सुविधाएं

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने हाल ही में अति विशिष्ट पर्यटक स्थलों से जुड़ी आइकॉनिक साइट योजना की समीक्षा की। इसमें तय हुआ कि शीघ्र ही राज्य सरकार, निजी क्षेत्र और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ मिलकर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि आजादी के 75वें वर्ष में लक्ष्य प्राप्त किए जा सके। नई नीति के मसौदे में कहा गया है कि पर्यटकों की सुविधा के लिए राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक 75 किलोमीटर पर सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाएगा ।

इसमें कहा गया है कि 75 नए पर्यटन स्थलों को हवाई संपर्क से जोड़ा जाएगा । इसके अलावा आसियान क्षेत्र का बौद्ध सर्किट के साथ संपर्क मजबूत बनाया जाएगा। विदेशी और घरेलू निवेश को सुगम बनाने के लिये निवेश प्रोत्साहन प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान पर्यटन क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है और इस क्षेत्र को गति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार इससे जुड़े पक्षकारों के साथ लगातार चर्चा कर रही है ।

विकसित किया जा रहा है प्लेटफॉर्म, मिलेगा हर अपडेट

एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है जिसमें राज्यों की सड़कों, होटलों और सभी पर्यटन स्थलों की अन्य सुविधाओं के बारे में सभी जानकारियां होंगी। मौसम और पर्यटन संबंधी अन्य ताजा अपडेट्स भी मिलते रहेंगे। राज्यों से भी इस बारे में जानकारी देने को कहा गया है। इसके साथ ही मंत्रालय ने अतुल्य भारत पर्यटक सुविधा प्रमाणन कार्यक्रम (आईआईटीएफ) नामक गाइडों को प्रशिक्षित करने के लिए एक ऑनलाइन कार्यक्रम भी शुरू किया है।

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