कोण्डागांव MyNews36 प्रतिनिधि- हर माता पिता के लिए अपनी संतान के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नही होता परन्तु कभी-कभी अज्ञानता, निर्धनता, जागरूकता के अभाव की वजह से विवश मां-बाप चाह कर भी अपने बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा पाते। परिणाम स्वरूप कुपोषण जैसी व्याधियां शीघ्र ही ऐसे बच्चो को अपना शिकार बना लेती हैं और जिसका खामियाजा अंत में नैनिहालो को भुगतना पड़ता है परन्तु अब ऐसे बच्चों के लिए राज्य शासन द्वारा 02 अक्टूबर 2019 से लागू मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान वरदान साबित हो रहा है। अब दुरस्थ क्षेत्र के बच्चों को भी नित्य पौष्टिक आहार मिलने से कुपेाषित से सामान्य स्थिति में आने वाले बच्चो की संख्या बढ़ती जा रही है।

जिला कोण्डागांव के ऐसे ही दूरस्थ अंचल मर्दापाल के सीमावर्ती ग्राम बेचा में रहने वाले किसान दम्पति राजूू राम कोर्राम और सुकारो बाई मरकाम की डेढ़ वर्षीय पुत्री सरस्वती ऐसे ही वातावरण मे रहने के कारण कुपोषण की चपेट मे आ गई और स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि वह चलने फिरने में असमर्थ थी। यह एक ग्रामीण अनपढ़ मां बाप पर एक दोहरी मार के समान थी। ऐसे में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजबती बघेल एंव सुपोषण अभियान के नोडल प्रकाश बागड़े द्वारा बच्ची सरस्वती का पंजीयन कर उसे प्रोटीन युक्त पोषण आहार जैसे अण्डा, चना, सोयाबड़ी, फल समाग्रियां वैकल्पिक रूप से उपलब्ध कराने की नई शुरूवात की गई।

सरस्वती जो अब चल रही है

इसके साथ ही उसे कोण्डागांव जिला मे स्थापित पोषण पुर्नवास केन्द्र भी भेजा गया फलस्वरूप कुछ महिनों के अंतराल के बाद उसके स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन आना शुरू हो गया। जिस बच्ची को मां सुकारोबाई गोदी मे उठाये घुमती थी अब वो बच्ची बिना किसी सहारे के चल फिर रही है। इसके साथ ही उसके शरीर मे रक्त के मात्रा और वजन में भी वृद्धि हुई और वर्तमान मे लगातार उसके स्वास्थ्य मे सुधार परिलक्षित हो रहा है।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् राज्य मे कुपोषण एवं एनिमिया से शिशुओं, किशोरियों, युवतिंयों एवं महिलाओं को मुक्ति दिलाने के निर्णायक कदम का दूरस्थ अंचलो मे अच्छा प्रतिसाद मिला है। इसके अलावा कोण्डागांव मे स्थापित पोषण पुर्नवास केन्द्र मे जिले के अत्याधिक दूरस्थ ग्राम जैसे कड़ेनार, कुदूर, कारसिंग, नुगाली के कुपोषित शिशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। जहां उनका उपचार के अलावा उनके पूर्णतः स्वस्थ एवं सामान्य स्थिति मे लाने तक रखा जाता है और इस प्रकार इन सब प्रयासो की वजह से जिले में कुपोषण की दर में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है।

Mynews36 प्रतिनिधि राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published.