उत्तर प्रदेश में एग्रीकल्चर व उससे जुड़े क्षेत्रों में ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने 1100 एग्री जंक्शन केंद्रो को मंजूरी दे दी है।इन एग्री जंक्शन केंद्रो को खोलने से कृषि व उससे संबंधित क्षेत्रों में बीएससी या एमएससी करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। 1100 एग्री जंक्शन केंद्र प्रदेश के अलग- अलग जिलों में खोले जाएंगे।

पूर्वांचल के जिलों में आधे से ज्यादा एग्री जंक्शन केंद्र खोले जाएंगे। पूर्वांचल में खोले जाने वाले केंद्रों की संख्या 615 है। वहीं 315 केंद्र पश्चिमी यूपी में खोले जाएंगे। बाकी बचे 80 एग्री जंक्शन केंद्रों को विन्ध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में खुलेंगें।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कृषि विभाग की ओर से उच्चस्तरीय समिति को भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही इसे प्रदेश में शुरू कर दिया जाएगा।  कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना (एग्री जंक्शन) की कुल लागत चार लाख रुपये निर्धारित कि गई है। इस योजना में चयनित युवाओं को 12 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

यह प्रशिक्षण रूरल सेल्फ  इम्पलॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटल द्वारा दिया जाता है। इसके बाद कृषि विभाग द्वारा एग्री जंक्शन खोलने के लिए प्रतिमाह 1000 रुपये की दर से 12000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। वहीं कृषि विभाग बीज, कीटनाशक और खाद आदि की बिक्री के लिए जारी होने वाले लाइसेंस का भी एक साल का भुगतान करता है।

वहीं 3.5 लाख रुपये के लोन के लिए विभाग 5 प्रतिशत की दर से 3 वर्षों के ब्याज का भुगतान करता है। तीन वर्षों में ब्याज की यह राशि 42000  रुपये होती है। लगभग चार साल पहले शुरू की गई इस योजना से अब तक राज्य में 3862 एग्री जंक्शन खोले जा चुके हैं।

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