कांग्रेस पर आरोप लगानें से पहलें अपनें गिरेबान मे झाकें पूर्व मंत्री लता उसेंडी- झुमुकलाल दीवान

कोंडागाँव MyNews36 प्रतिनिधि- कांग्रेस जिलाध्यक्ष झुमुकलाल दीवान ने भाजपा सरकार की पूर्व मंत्री लता उसेंडी द्वारा जारी किये गए बयान पे प्रतिक्रिया देते हुए कहा है की पूर्व मंत्री लता उसेंडी पहले जरा अपने कार्यकाल पर गौर करें पुलिस आधीक्षक के बारे में प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और सरकार को कटघरे में खडा करने के पहले, जरा अपने कार्यकाल को याद कर बतायें कि क्यों उनके शासन काल मे 2012 से लेकर 2018 तक 6 साल में कोंडागांव जिले मे 7 पुलिस अधीक्षक बदलें गये? ऐसा क्या हुआ था कि एक पुलिस अधीक्षक के ट्रांसफर के लिए वे स्वयं अपनी हि सरकार से भीड गयी थी और यहां तक की ट्रांसफर न होने की स्थिति मे इस्तीफे तक कि बात कह डाली थी? बात अगर मोहन मरकाम कि है तो वे शुरू से जनता के लिए लड़े है और लडते रहेंगे विवादित घटना शहर में एक प्रतिष्ठित जैन परिवार के साथ घटित हुई जिसे सब जानते है।

एक ही परिवार के 8 लोगो के खिलाफ बिना जांच एफआईआर दर्ज कर, एक बुजुर्ग महिला के साथ 3 महिलाओं, 3 पुरुषों के ऊपर अपराध दर्ज कर जेल भेजना कहाँ से न्याय संगत है? मरकाम जी ने गलत होता देख जनता के हित मे अपनी ही सरकार के अधिकारी के खिलाफ शिकायत की है जो एक सही निर्णय है। जिसकी पूरे कोंडागांव वासियो ने सराहना की। तकलीफ तो सिर्फ भाजपाइयो को है। मोहन मरकाम के बढ़ते कद को और उनकी हर क्षेत्र में सक्रियता को देख कर सरकार बनने के बाद विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष ने कोंडागांव विधानसभा में जितने विकास कार्य करवाये खुद लता उसेण्डी ने अपने 10 साल के कार्यकाल में नही करवाये होंगे। कमीशन खोरी का आरोप लगाने से पहलें जरा अपने गिरेबाँ पर झाँक के देखे की उनके मंत्री रहते उन्होंने अपने चहेते ठेकेदारों को बिना टेंडर के ठेके दिलवा कर लूट मचा रखी थी।

लता उसेंडी जरा याद करिये कि जिले मे भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की हि अप्रत्यक्ष अनुशांगिक संगठन बजरंग दल ने मोर्चा खोला था। लगातार 45 दिन यह आंदोलन चला, नगरबंद से लेकर चक्का जाम, धरना प्रदर्शन तक किया गया लेकिन इस भ्रष्टाचार को आपकी सरकार की मौन सहमति होने के कारण कार्यवाही तो दुर जांच तक के आदेश तक नही दिये जा सके। कोंडागांव बाईपास सडक के निर्माण मे कई बार रोडमैप को चेंज करवाना, जिला अस्पताल को शहर से 6 किलोमीटर दुर केवल स्वयं के लाभार्थ ले जाना।

पुर्व मंत्री कोंडागांव कि जनता को बतायें कि उनके कार्यकाल मे बसस्टैंड, स्वीमिंगपूल का निर्माण नही हो सका क्यों? कोंडागांव शहर के मध्य से गुजरनेवाली राष्ट्रीय राजमार्ग कि दुर्दशा सबने देखी है और इसी मार्ग पर उठती लाशों को भी लोगो ने देखा है तब जनहित में आंदोलन करने की बजाय इनके कार्यकर्ता घर मे भुट्टे भजिये खाने में व्यस्त थे। लता उसेंडी जी आप कोंडागांव की जनता को बताईये कि आखिर वो कौन सी वजह थी कि आज जिस कोंडागांव-शामपुर-माकडी मार्ग की स्वीकृति मोहन मरकाम ने न केवल करवायी है बल्कि निविदा उपरांत भूमिपूजन भी किया और आज उसका निर्माण भी शुरू हो चुका है, उसे वे अपने कार्यकाल मे क्यों नही बनवा पायी? लता जी को बताना चाहिए कि पूरे क्षेत्र में करोडों के स्टॉप डेम घोटालों के बारें मे जिसमे कई अधिकारी के ऊपर आज भी जांच लम्बित है उन्होने क्या कार्यवाही की उन्हें ये भी बताना चाहिए मोहन मरकाम के प्रयासों से स्वीकृत कई कार्य जिन्हें बजट में शामिल किया गया था कि राशि को आवंटित होने से क्यो रूकवाया गया। कोंडागांव विधानसभा की जनता ने इन्ही विकास विरोधी कार्यो की वजह से सुश्री लता उसेण्डी को दो बार बाहर का रास्ता दिखाया है।

यही नही 2017 में नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल के कोंडागांव प्रवास के दौरान तत्कालीन भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज जैन ने सोसल मीडिया में पोस्ट किया था कि लता उसेण्डी और नगर पालिका अध्यक्ष तरसेम सिंह गिल के निवेदन पर मुक्ति धाम के लिए अमर अग्रवाल जी ने एक करोड़ सैंतालीस लाख स्वीकृति दी, लेकिन काम शुरू नही करवा पाए पर जब 2018 में सरकार बदली तो स्वयं विधायक ने संबंधित विभाग में जाकर पता किया तो बताया गया कि ऐसी कोई भी राशि की स्वीकृति नही हुई है। इस तरह से और कई प्रकार से जनता को पूर्व मंत्री ने गुमराह किया। आज मुक्ति धाम का निर्माण यदि हो रहा है तो वो सिर्फ मोहन मरकाम के प्रयासों से कांग्रेस की सरकार में हो रहा है और इसके अलावा भी शहर में विकास के अन्य कार्य हो रहे है और विकास विरोधी पूर्व मंत्री और उनके कार्यकर्ताओ को शहर और विधानसभा के विकास के कार्य पच नही रहे है और इसलिए अनर्गल बयानबाजी पे उतर आए है लेकिन अब कोंडागांव की जनता इनके बहकावे में आने वाली नही है और कोंडागांव की जनता के सामने इनका विकास विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है ।

Mynews36 प्रतिनिधि राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

Leave A Reply

Your email address will not be published.