छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के पूर्व सीएमएचओ रहे डॉ. आरएल घृतलहरे को आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 10 लाख रुपये का जुर्माना और उसकी संपत्ति कुर्की के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुरेश चुन्नी की कोर्ट में हुई है। पूर्व सीएमएचओ के खिलाफ राज्य आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो (EOW) ने कार्रवाई की थी।

लोक अभियोजक राजेश पांडेय ने बताया कि EOW ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में अगस्त 2012 को डॉ. आरएल घृतलहरे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जांजगीर-चांपा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान डॉ. घृतलहरे के अमेरी स्थित मकान, जांजगीर स्थित मकान व कार्यालय और रायपुर व खरमोरा में जमीन, मकान, अमेरी व घुरू में पत्नी के नाम पर जमीन, घुरू में बेटे के नाम जमीन सहित अन्य संपत्ति का पता चला था।

इसके बाद टीम ने जांजगीर की विशेष कोर्ट में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन द्वारा विशेष न्यायालय के सामने 18 गवाहों का परीक्षण कराया गया। कोर्ट ने सभी गवाहों के बयान, दस्तावेजों के परीक्षण में पाया कि अपने सेवाकाल के दौरान डॉ. घृतलहरे ने सेवा काल में वैध आय 1 करोड़ 26 लाख 65 हजार 366 रु प्राप्त किया। जबकि खर्च 2 करोड़ 31 लाख 26 हजार 701 रुपए किए। जो कि वैद्य आय से करीब 100% ज्यादा थी।

 

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