पहले दे दिया अधिक वेतन और शिकायत होने पर लिया नगद वापस…

डीईओ को निलंबित करने की मांग

राजनांदगांव MyNews36- शिक्षा विभाग में भ्रष्ट्राचार थमने का नाम ही नहीं ले रहा है,कोरोना के आड़ में फर्नीचर घोटाला, बर्तन घोटाला अभी ठंडा हुआ ही नही कि शानिवार को वेतन घोटाले ने पूरे जिले को हिला कर रखा दिया।

छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पाॅल ने बताया कि- जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव हेतराम सोम जब से जिले में पदभार संभाला है उनके द्वारा लगातार लाखों करोड़ों रुपये का भ्रष्ट्राचार किया जा रहा है और विभाग में भ्रष्ट्राचार के मामले लगातार उजागर हो रहे है और अपने कार्यालय में कार्यरत् कर्मचारियों एंव अधिकारियों की नाराजगी दूर करने और उनका मुंह बंद करने की नियत से डीईओ ने अपने कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों एंव अधिकारियों के खाते में फरवरी माह का निर्धारित वेतन से अधिक वेतन दिए जाने की चर्चा चल रही है।

जानकारी के मुताबिक मंहगाई भत्ता 12 प्रतिशत है लेकिन अपनी और इन जीपीएफ कर्मचारियों एंव अधिकारियों को 21 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दे दिया गया है।

इस प्रकार जानबूझकर सुनियोजित ढंग से शासन को लाखों रूपये का आर्थिक क्षति पंहुचा दिया गया जो गंभीर प्रवृति का अपराध है।

पाॅल ने बताया कि- वेतन घोटाले के समाचार जैसे ही वायरल हुआ शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अधिक वेतन पाए अधिकारियों और कर्मचारियों से नगद राशि वापस लिया गया जो कि एक और अपराध है यानि एक अपराध को छिपाने के लिए दुसरा अपराध।

पाॅल का कहना है कि अब बढ़े हुए वेतन का इनकम टैक्स भी कर्मचारियों और अधिकारियों का कट गया है तो सिर्फ अधिक वेतन नगद वापस लेने से मामला शांत हो जाएगा ऐसा सोचना ही अपराध है क्योकि आयकर विभाग ने जो रकम कटौती किया है वह तो कर्मचारियों और अधिकारियों का व्यक्तिगत नुकसान है और इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा यह भी तय होगा यानि दोषि व्यक्ति को बचाने के चक्कर में कई और लोगों पर भी गाज गिर सकता है।

पाॅल ने बताया कि-वेतन घोटाले में जिला शिक्षा अधिकारी को निलबिंत करने की मांग मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और शिक्षा सचिव से की गई है।

MyNews36 प्रतिनिधि भोजेश की रिपोर्ट

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