पीडब्ल्यूडी के खाली पदों पर नियुक्ति के लिए मंत्रालय के नाम पर फर्जी पत्र जारी

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के खाली पांच पदों पर नियुक्ति का फर्जी पत्र जारी कर दिया गया है। आवेदन जमा करने और लिखित परीक्षा की प्रक्रिया के बाद पत्र जारी किया गया है। चयनित अभ्‍यर्थियों का नाम सार्वजन‍िक होने से वे खुश हो गए। लेकिन ज्‍वाइनिंग से पहले ही फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।


चयनित अभ्‍यथियों से वसूली का खेल शुरू हो चुका था। बात विभाग तक पहुंची, जहां अधिकारियों ने स्‍पष्‍ट रूप से बोल दिया कि यह पत्र ही फर्जी है। विभाग की ओर से कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। इसका राज खुलते ही हड़कप मच गया है। मंत्रालय के नाम पर फर्जी पत्र जारी होने का मामला सामने आया है।

दलाल सक्रिय हो गए हैं और नियुक्ति पक्की कराने के नाम पर उगाही की कोशिश में लग गए हैं। मंत्रालय के नाम पर जारी फर्जी पत्र की एक प्रति नईदुनिया के पास है। पत्र में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग और तारीख 06 फरवरी 2021 भी अंकित है। पत्र पर किसी को संदेह न हो, इसके लिए पत्र क्रमांक भी लिखा गया है।

इस पत्र के अनुसार पीडब्ल्यूडी के बिलासपुर संभाग में डाटा इंट्री ऑपरेटर के दो पद रिक्‍त हैं। ये दोनों पद पुरुष आरक्षित बताए गए हैं। इसके अलावा भृत्य के तीन पद पुस्र्ष आरक्षित बताए गए हैं। इस तरह कुल पांच पदों पर नियुक्ति को स्वीकृति देने का दावा किया गया है।

पत्र में पांच लोगों का नाम, पता, पद और नियुक्ति का स्थान भी दिया गया है। पांचों लोगों का मोबाइल नंबर भी है। दो पन्ने का पत्र है। दूसरे पेज में नीचे की तरफ सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव एनपी मरावी का नाम लिखा हुआ है। खास यह कि इनके नाम के ऊपर हस्ताक्षर भी है।

नियुक्ति पक्की कराने के लिए दो लाख की डिमांड

फर्जी पत्र दलालों के हाथ लग गया है, वो पत्र को लेकर उन लोगों से संपर्क कर रहे हैं, जिनका उसमें नाम, पता और मोबाइल नंबर है। दलाल भर्ती पक्की कराने के लिए दो लाख रुपये तक की डिमांड कर रहे हैं। झांसे में लाने के लिए दो या तीन किस्त में रकम देने की बात कह रहे हैं। कुछ राशि अभी, बाकी नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देने को बोल रहे हैं।

विभाग ने कहा, कोई पत्र नहीं हुआ जारी

इस मामले में नईदुनिया ने सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव एनपी मरावी से बात की। उन्होंने साफ शब्‍दों में कहा कि पीडब्यूडी में खाली पदों पर नियुक्ति को लेकर कोई पत्र जारी नहीं हुआ है। इसलिए किसी पत्र में उनके नाम का स्तिाक्षर है तो वह भी फर्जी है।

मुख्यमंत्री सचिवालय के नाम प्रतिलिपि

फर्जी पत्र में प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सचिवालय, अपर प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, सचिव लोक निर्माण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर के अलावा उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, मुख्य सचिव कार्यालय, मंत्रालय नया रायपुर को प्रेषित लिखा है।

पांच जिलों में पदस्थापना लिखा गया

फर्जी पत्र में दो डाटा इंट्री ऑपरेटर और तीन भृत्य की पदस्थापना का दावा किया गया है। पद स्‍थापना रायगढ़, कोरबा और मुंगेली में किए जाने की बात भी पत्र में लिखी गई है।

नियुक्ति रद्द होने की बात बोलकर डरा भी रहे

पत्र में जिन लोगों के नाम हैं, उनसे पैसा ऐंठने के लिए दलाल डरा रहे हैं। उन्हें यह कहकर डराया जा रहा है कि जल्दी एडवांस पैसा दें, वरना नियुक्ति नहीं हो पाएगी। कई नियुक्ति रद हो जाएगी, क्योंकि कई लोग पैसे देने के लिए तैयार हैं और खाली पद कम है।

मंत्रालय स्टॉफ की मिली भगत की आशंका

नियुक्ति को लेकर जारी हुए फर्जी पत्र के मामले में मंत्रालय के स्टॉफ की मिली भगत की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि स्‍टॉफ की मिलीभगत के बगैर इस तरह का खेल नहीं हो सकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.