Exclusive Mynews36
पीड़ित किसान परिवार-Photo:MyNews36

राजनांदगांव/संवाददाता- क्षेत्र के एक भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य रेशम लाल गायकवाड के खिलाफ किसानों से ठगी कर केनरा बैंक रस मंडा शाखा से लाखों रुपए के फर्जी ऋण आहरण के मामले में काफी जांच पड़ताल के साल भर बाद अंततः अंजोरा पुलिस ने धारा 420 के तहत 20 दिन पहले अपराध दर्ज कर लिया है।परंतु आरोपी अब तक फरार है खबरों के अनुसार-आरोपी के खिलाफ अपराध कायम होने के बाद पुलिस की सुस्ती के चलते आरोपी को भागने का पूरा मौका मिल गया और अग्रिम जमानत के चक्कर में आरोपी भूमिगत हो चुका है

जानकारी के अनुसार -गोपालपुर टेमरी सलोनी इत्यादि गांव के कई किसानों के आधार कार्ड फोटो आदि लेकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर छूट वाले ऋण का हवाला देते हुए किसानों को बैंक प्रबंधन के साथ मिलकर तकरीबन 40 से 50 लाख रुपए का चुना लगा है ।परेशान किसानों के अनुसार लोन नहीं पटाने का झांसा देकर आधार कार्ड और फोटो मांगने पर दिया गया बाद में फर्जी दस्तावेजों के सहारे किसानों के नाम पर ऋण निकाल लिया गया।इस बात की जानकारी किसानों को तब लगी जब बैंक प्रबंधन की ओर से तगादा वसूली का नोटिस किसानों को मिलने लगा।पूर्व में इस मामले की शिकायत घुमका थाने में भी की गई थी परंतु क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए घुमका पुलिस ने मामले को दुर्ग स्थानांतरित कर दिया,जिसके बाद काफी लंबे समय तक मामला दबा रहा।प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस की सरकार बैठकर ही मामले की फाइल खुलने लगी और अंततः अपराध घटित होना पाए जाने से अंजोरा पुलिस ने आरोपी रेशम लाल गायकवाड के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपी-रेशम लाल गायकवाड़,Photo:MyNews36

परंतु पुलिस के ढीले ढाले रवैया के चलते अब तक आरोपी अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय के चक्कर काट रहा है।इधर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

गौरतलब है कि-क्षेत्र के किसानों को अपने स्वयं के खाते से ऋण निकालने पर तमाम तरह की कागजी औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ता है,परंतु ताज्जुब है कि-उक्त बैंक ने बिना किसी जांच पड़ताल के एक ठग नेता के फर्जी दस्तावेजों के सहारे आसानी से लोन निकाल लेता है जबकि किसानों की शिकायत के अनुसार कई किसानों के नाम पर जमीन ही नहीं है ,वहीं कुछ किसानों के नाम पर नाम मात्र की जमीन का रकबा बढ़ा कर फर्जी ऋण पुस्तिका एवं सी फार्म आदि को तैयार कर लोन निकाल लिया गया और बैंक प्रबंधन आंख मूंदे बैठा रहा।

सूत्रों के अनुसार-लगभग 40 से 50 लाख रुपए का फर्जी ऋण की जानकारी है और अब पीड़ित किसान बैंक के तगादा नोटिस से बुरी तरह परेशान हैं और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाने लगे है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मैं साइबर विशेषज्ञ एवं जांच अधिकारी को आरोपी को ट्रेस कर तुरंत गिरफ्तारी हेतु निर्देशित करता हूँशैलेन्द्र सिंग ठाकुर,TI थाना-पुलगांव (दुर्ग)

MyNews36 संवाददाता-मुबारक खान की रिपोर्ट

Load More Related Articles
Load More By MyNews36
Load More In एक्सक्लूसिव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Transfer :तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी

जिले में 12 विभागों के कर्मचारियों का हुआ तबादला कांकेर-उत्तर बस्तर कांकेर 16 जुलाई 2019- …