रायपुर – छत्तीसगढ़ में पंजीकृत 38 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से सिर्फ दस ने ही आय व्यय का ब्यौरा निर्वाचन आयोग में जमा किया है। यही नहीं, 80 फीसद राजनीतिक दलों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार ही नहीं उतारे। अब निर्वाचन आयोग ऐसे पंजीकृत दलों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। दरअसल, राजीतिक दल के रूप में पंजीयन कराने के बाद टैक्स में छूट सहित कई सुविधाएं मिलती हैं।

आयोग उन दलों की मान्यता खत्म करने पर विचार कर रहा है, जिन्होंने चुनाव में न तो उम्मीदवार उतारे, न ही आय-व्यय का ब्यौरा ही दिया। निर्वाचन आयोग देश के दो हजार 174 पंजीकृत राजनीतिक दलों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। आयोग ने छत्तीसगढ़ से भी राजनीतिक दलों की जानकारी तलब की है।

निर्वाचन आयोग के आला अधिकारियों ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर वित्तीय अनियमितता सहित समय पर सालाना आडिट रिपोर्ट पेश न करने और चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने जैसे गंभीर आरोप है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी पार्टियां भी है, जिन्होंने वर्ष 2018 का विधानसभा और वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा है।

बावजूद उन्होंने करोड़ों स्र्पये की टैक्स छूट हासिल की है। आयोग ने पारदर्शिता के लिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले चुनावी चंदे, चुनावी खर्च, बैंक खातों और पैनकार्ड की जानकारी मांगी है। जानकारी नहीं देने वाले दलों को मिलने वाली टैक्स छूट पर निर्वाचन आयोग रोक लगाने पर विचार कर रहा है। नियमों के मुताबिक चुनाव खत्म होने के 90 दिनों के भीतर सभी राजनीतिक दलों को चुनावी खर्च का ब्यौरा देना जरूरी है।

सिर्फ दस दलों ने दिया आय-व्यय का ब्यौरा

छत्तीसगढ़ के गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दस राजनीतिक दलों ने ही अंशदान, वार्षिक लेखा परीक्षण और निर्वाचन आय-व्यय का ब्यौरा दिया है। इसमें राष्ट्रीय मानव एकता कांग्रेस पार्टी, आप सबकी अपनी पार्टी, नया भारत पार्टी, छत्तीसगढ़ संयुक्त जातीय पार्टी, राष्ट्रीय जनसभा पार्टी, भारत भूमि पार्टी, आजादी का अंतिम आंदोलन, सुंदर समाज पार्टी और मानव राष्ट्रीय एकता कांग्रेस ने ब्यौरा जमा किया है।

प्रदेश में यह है गैर राजनीतिक मान्यता प्राप्त दल

छत्तीसगढ़ विकास गंगा राष्ट्रीय पार्टी, छत्तीसगढ़िया पार्टी, भारतीय पिछड़ा दल, भारतीय सदभावना समाज पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी, स्वाभिमान पार्टी, राष्ट्रीय जनसभा पार्टी, छत्तीसगढ़ संयुक्त जातीय पार्टी, छत्तीसगढ़ विकास पार्टी, छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी, जय छत्तीसगढ़ पार्टी, लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी, पृथक बस्तर राज्य पार्टी, राष्ट्रीय मानव एकता कांग्रेस पार्टी, शक्ति सेना (भारत देश), आजादी का अंतिम आंदोलन दल, छत्तीसगढ़ नवनिर्माण सेना, सुंदर समाज पार्टी, भारतीय स्वतंत्र पार्टी, भारतीय दलित कांग्रेस, आजाद जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, राष्ट्रीय आदिवासी बहुजन पार्टी, भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा, भारतीय प्रजातांत्रिक शुद्ध गांधीवादी कृषक दल, प्रजातंत्र कांग्रेस पार्टी, छत्तीसगढ़ समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता सेक्युलर पार्टी, आप सब की अपनी पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (व), भारत भूमि पार्टी, पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड, भारतीय सर्वजन हितेय समाज पार्टी, राष्ट्रीय समाजवादी स्वाभिमान मंच और नया भारत पार्टी।

निर्वाचन आयोग ने राज्य में आय-व्यय का ब्यौरा देने वाले गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के बारे में जानकारी मांगी है। आयोग की तरफ से सभी दलों को पत्र जारी किया गया है। अब तक सिर्फ दस दलों की जानकारी उपलब्ध हुई है।

-शिखा राजपूत तिवारी, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

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