विश्रामपुरी MyNews36 प्रतिनिधि- आदिवासी परिवार की खेती जमीन पर प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के ठेकेदार द्वारा जेसीबी चलाने का मामला सामने आया है। किसान दंपत्ति का कहना है कि अब उस जमीन पर वे कभी फसल नहीं ले सकेंगे।

इस संबंध में कोंडागांव कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने कहा कि आदिवासी कृषक परिवार को न्याय दिलाएंगे तथा संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध जांच होगी।

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत 72.51 लाख रुपये की लागत से सिंगनपुर से मारना के बीच सडक़ का मरम्मत कार्य किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सडक़ का कार्य पूर्णता की ओर है, वहीं ग्रामीण बता रहे हैं कि सडक़ पर दूसरा सील कोड नहीं किया गया है।

आदिवासी बसंत सिरदार ने आरोप लगाया कि सडक़ निर्माण में साइड फोल्डर के लिए मुरम की आवश्यकता थी जिस पर ठेकेदार ने सडक़ के किनारे उसकी खेती जमीन की 5 फीट खुदाई कर दी।

बुजुर्ग दंपत्ति ने आरोप लगाया कि खुदाई का विरोध करने पर इंजीनियर ने फटकार लगाई कि सरकारी काम है विरोध करोगे तो जेल भेज दिए जाओगे। जिससे वे सहम कर चुप हो गए।

कृषक दंपत्ति ने बताया कि जमीन पर वह प्रतिवर्ष धान की खेती करता था तथा उसी धान से परिवार का साल भर तक भरण पोषण होता था। उन्हें चावल अलग से खरीदने की जरूरत नहीं होती थी किंतु इस वर्ष उस जमीन पर फसल नहीं ले सकेंगे बल्कि वहां बच्चों एवं मवेशियों के गिरने का खतरा भी दिखाई दे रहा है। इसे लेकर भी परिवार चिंतित है।

ग्रामीणों ने बताया कि केवल उनका ही नहीं बल्कि कुछ और आदिवासियों की जमीन पर भी ऐसा ही किया गया है। ठेकेदार अधिक पैसा कमाने के लालच में दूर से मुरम की ढुलाई नहीं करना चाहता था, इसलिए वह कुछ आदिवासियों को बहला-फुसलाकर अवैध तरीके से खुदाई कर दिया।

सड़क निर्माण का काम पूरा भी नहीं हुआ उखडऩा शुरू

ग्रामीणों का आरोप है कि सडक़ निर्माण में लापरवाही बरती गई है जिसके चलते सडक़ का मरम्मत पूर्ण होने से पहले ही सडक़ पर गिट्टी उखडऩा शुरू हो गया है। डामरीकरण एवं रोलर में बरती गई लापरवाही का ही परिणाम है कि सडक़ पर जगह-जगह गिट्टी उखड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।

ग्रामीणों की हुई बैठक

मामले को लेकर शनिवार को गांव में ग्रामीणों की बैठक हुई थी जिसमें यह फैसला लिया गया कि मामले की शिकायत कलेक्टर से की जाएगी तथा उच्च स्तरीय जांच के लिए मांग करेंगे। ग्रामीण तुलसीराम सोरी भोलाराम नेताम, सोमारू राम आदि ने बताया कि सडक़ निर्माण में गुणवत्ता की कमी एवं आदिवासी की जमीन में अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। इसी को लेकर बैठक हुई थी जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि इस मामले को संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों एवं कलेक्टर कोंडागांव तक पहुंचाएंगे डामरीकरण को उखाड़ कर पुन: डामरीकरण करने की मांग करेंगे।

इंजीनियर निर्मल कुर्रे ने कहा कि जमीन खुदाई में उनका हाथ नहीं है। ठेकेदार कहां से मुरूम लाता है इससे उनको कोई मतलब नहीं है। हम विभाग में रॉयल्टी काटते हैं। सडक़ में ट्रैक्टर के बड़ा चक्का के रिवर्स चलने से कहीं-कहीं गिट्टी उखडऩे की शिकायत है, जिसे सुधार लिया जाएगा। अभी 5 वर्ष की गारंटी अवधि में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

स्वामित्व अधिकारी एवं संचालक-मनीष कुमार साहू,मोबाइल नंबर- 9111780001 चीफ एडिटर- परमजीत सिंह नेताम ,मोबाइल नंबर- 7415873787 पता- चोपड़ा कॉलोनी-रायपुर (छत्तीसगढ़) 492001 ईमेल -wmynews36@gmail.com