माता-पिता बनाना जीवन के आंनददायक क्षणों में से एक है पर इसके साथ ही आपकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।खासकर शुरुआती महीनों में जब आपको उसके खाने-पीने और सोने के बारे में ज्यादा पता नहीं होता है तो आपको बहुत ज्यादा मुश्किलें आ सकती हैं। आपको लग सकता है कि शिशु का पेट भरा हुआ है और वो एक अच्छूी नींद सो रहा है, पर वो अचानक से जग कर रो-रो कर आपको परेशान कर सकता है। ऐसे में 5’S के नाम से जाने जाने वाले ट्रिक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल ये ट्रिक्स का निजात रोते बच्चे को शांत करने के लिए किया गया है, तो आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।

शिशु को शांत करने के लिए 5 ‘S’ का फॉर्मूला क्या है?

बाल रोग विशेषज्ञ हार्वे कार्प ने इस पद्धति को ढूंढा है। ये पांच तकनीकों से बना है, जिन्हें माताओं ने अक्सर इस्तेमाल किया है और उन्हें अपने बच्चे को इसकी मदद से हैंडल करने में भी आसानी महसूस की है। ये 5 हैं

  • स्वैडल (Swaddle)
  • साइड-पेट की स्थिति (Side-stomach position)
  • शुश (Shush)
  • स्विंग (Swing)
  • सकिंग (Suck)

पर इन सबसे पहले ध्यान देने वाली बात ये है कि आपका बच्चा परेशान क्यों है। दरअसल आपका बच्चा सप्ताह के 3 या अधिक दिन में 3 या अधिक घंटे रो रहा है, तो इसका मतलब है कि उसे स्वास्थ्य से जुड़ी कोई परेशानी है। पेट का दर्द आमतौर पर लगभग 6 सप्ताह से शुरू होता है और अक्सर 3 या 4 महीने की उम्र तक चलता रहता है। ऐसे में जरूरी ये है कि आप अपने बच्चे का समय समय पर हेल्थ चेकअप करवाते रहें। दूसरे बड़े कारणों में से एक है उनकी नींद। बच्चों के लिए सो जाना हमेशा आसान नहीं होता है और यह विशेष रूप से तब होता है जब आपका बच्चा ओवरइटेड हो। ऐसे में आप इन फॉर्मूले को अपनाएं।

(1) स्वैडल (Swaddle)- स्वैडलिंग का अर्थ है अपने बच्चे को लपेटकर उसे धीमे-धीमे सुलाना। ये बच्चे को सोने में मदद करता है। इसे करने के लिए

  • अपने बच्चे को मुलायम कपड़े के एक टुकड़े पर लेटाएं जो किसी भी आकार में मुड़ा जाए।
  • कपड़े के एक तरफ को मोड़ें और इसे अपनी बांह के नीचे दबाएं।
  • नीचे ऊपर उठाएं और इसे अंदर टक करें।
  • दूसरी तरफ मोड़ो और अपने बच्चे को इसमें डाल लें।
  • बच्चे की छाती के बीच में दो अंगुलियां लगाकर सुला दें।

(2) साइड-पेट की स्थिति (Side-stomach position)- शोध से पता चलता है कि जो बच्चे अपने पेट पर सोते हैं वे अधिक देर तक सोते हैं और शोर करने पर जल्दी से प्रतिक्रिया नहीं करते हैं। हालांकि: बच्चे को अपने पेट या बगल में सोने के लिए रखना खतरनाक है, क्योंकि यह अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (एसआईडीएस) के लिए जोखिम को बढ़ाता है। इसके लिए

  • अपने बच्चे को उनके पेट या तरफ से पकड़ें
  • उन्हें अपने कंधे पर रखें या उन्हें अपने हाथ से अपने सिर का समर्थन करते हुए रखें।
  • जब आपका बच्चा शांत हो गया है, तो उन्हें सोने के समय के लिए अपनी पीठ पर रखें।

(3) शुश (Shush)- आपको पता है कि शुश का क्या मतलब है। दरअसल आपके शिशु ने आपके गर्भ में रहते हुए बहुत सारी गूंज सुनाई देती है, इसलिए जब वो बाहर आ जाता है, तो सोते वक्त उसे फिर से ऐसा ही माहौल बना कर दें। जैसे कि

  • आपके रक्त परिसंचरण की पंपिंग
  • लयबद्ध श्वास की आवाज
  • आपके पाचन तंत्र की गड़गड़ाहट
  • इन सभी आवाजों के लिए उसे अपने ऊपर लिटा कर सुलगाएं और थपकी दें।

(4) स्विंग (Swing)- एक उधम मचाते बच्चे को शांत करने के लिए कोई न कोई मूवमेंट करना उसे शांत करने का एक शानदार तरीका हो सकता है। वास्तव में, जानवरों और मनुष्यों दोनों में 2014 के शोध से पता चला कि रोने वाले बच्चे जो मां द्वारा इधर-उधर किए जाते हैं, तो तुरंत सो जाते हैं। इसके अलावा, उनकी हृदय गति कम हो जाती है और वो खुशी से सो जाते हैं।कैसे स्विंग करें:

  • अपने बच्चे के सिर और गर्दन को सहारा देकर उसे झुलाना शुरु करें।
  • लगभग कुछ मिंनटों तक बच्चे में ये दोहराते रहें, वो शांत हो जाएगा
  • अगर आपका बच्चा जगा हुआ है, तो उससे बात करें और मुस्कुराएं।

(5) सकिंग (Suck)- सकिंग यानी कुछ चूसना बच्चे को शांत कर सकता है। बच्चा आपके गर्भ में 14 सप्ताह के भ्रूण के रूप में सकिंग का अभ्यास करना शुरू कर देता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) आम तौर पर बच्चा मां का दूध पी कर शांत हो जाता है पर आप इस आदत को धीरे-धीरे बदल सकते हैं। इसके लिए आप बच्चे को बोतल में दूध डाल कर या अगर-अलग तरीके हेल्दी पेसिपायर का इस्तेमाल करके उन्हें शांत कर सकते हैं।

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