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औषधीय पौधों की खोज यात्रा 11से 13 अक्टूबर तक कुम्हार खान के जंगलों में होगी

Discovery journey

धमतरी-छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा द्वारा (Discovery journey) इस वर्ष की औषधीय पौधों की खोजयात्रा 11 से 13 अक्टूबर को कांकेर जिले के कुम्हानखार के जंगलों में आयोजित की जा रही है।छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर एम एल नायक के मार्गदर्शन में हो रही इस अध्ययन यात्रा में बाटनिस्ट, स्कूल-कालेज-युनिवर्सिटी के विद्यार्थीगण, शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्थानीय वैद्य और औषधीय पौधों में रूचि रखने वाले ग्रामीण भाग ले सकते हैं।कांकेर से 16 किलोमीटर दूर सरोना (दुधावा) मार्ग पर मुड़पार गांव में स्थित जन विज्ञान केन्द्र.में बेसकैंप होगा।इस यात्रा में शामिल होने वाले साथियों को शुक्रवार 11 अक्टूबर की शाम 5.00 बजे तक जन विज्ञान केंद्र पहुंचना है जहां शाम 3.00 से 5.00 बजे तक रजिस्ट्रेशन होगा।शाम 5.00 बजे खोजयात्रा का अनौपचारिक उद्घाटन होगा, महत्वपूर्ण निर्देश दिये जाएंगे और पुरानी खोजयात्राओं के अनुभव बताएँ जाएंगे। भोजन के पश्चात 9.00 बजे से रात्रि विश्राम होगा।

12 अक्टूबर की सुबह 5.00 बजे उठकर सुबह 7.00 बजे तक तैयार हो जाना है। सुबह 7.00 से 7.45 तक नाश्ता होगा। 7.45 से हाजिरी और गिनती कर ग्रुप विभाजन होगा और सुबह 8.00 बजे से औषधीय पौधों की (Discovery journey) खोजयात्रा आरम्भ होगी। गंतव्य तक पहुंच कर अपरान्ह 2.30 से 3 बजे दोपहर का भोजन संभावित होगा । भोजन उपरान्त वापसी यात्रा होगी। शाम 5.00 बजे ग्रामीणों के साथ औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और कारगर उपयोग पर विचार विमर्श होगा। रात्रि 8.00 बजे भोजन के पश्चात कैंप फायर होगा। रविवार दिनांक 13 अक्टूबर की सुबह 7.30 से 8.00 बजे तक नाश्ते के बाद महानदी तट पर भ्रमण होगा। 11 बजे तक वापस लौट कर समापन कार्यक्रम होगा जिसमें ग्रुपवार साथी अपने अनुभव शेयर करेंगे। तत्पश्चात सर्टिफिकेट वितरण के साथ कार्यक्रम समाप्त होगा। साथी भोजन पश्चात अपने घर वापस जा सकेंगे।इस हेतु सहयोग राशि वयस्क साथियों के लिए ₹ 500/- प्रति व्यक्ति एवं 15 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए -₹ 250/ प्रति विद्यार्थी होगा।यात्रा व्यय प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा। खोज यात्रा में भाग लेने वाली निम्न सावधानियों का पालन करेंगे।अपने साथ टार्च, ओडोमास, फर्स्ट एड सामग्री साथ रखें।अपनी दवाइयां साथ लाएं।यात्रा में जूते पहनकर चलना सुविधाजनक होगा।अपना कैमरा, वनस्पतियों के फोटो लेने सफेद अथवा नीला कपड़े का बेकग्राउंड परदा, कपड़ें का थैला साथ लेकर चलें। जंगल में कुछ भी कचरा छोड़ने पर पाबंदी है। उक्त जानकारी धमतरी इकाई के लोकेंद्र सिंह,आर एन ध्रुव द्वारा दी गई।

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