6 माह पूर्व से दिए जा रहा था आवेदन, बडी घटना होने के बाद पहुंचा प्रशानिक अमला

कोण्डागांव MyNews36 प्रतिनिधि- जिले के ग्राम मोहन बेड़ा के निवासी दो भाई राम वट्टी और लक्ष्मण वट्टी के परिवार में शामिल कुल 6 सदस्यों के साथ गांव के ही 3 दबंगों के भड़काने पर 1जुलाई को मोहन बेड़ा के ही कुछ ग्रामीणों ने उक्त परिवार के लोगों के साथ न केवल जमकर मारपीट कि, बल्कि उनके घर को भी तोडकर फोड़कर तहस नहस कर दिया। जबकि इस बात की जानकारी 6 माह पूर्व से हीे आवेदन के द्वारा जिले के अधिकारियों को दी जा रही थी, पर तवज्जो न दे सकने वाले आला अधिकारी, घटना से प्रभावित पीडित आवेदक परिवार के टूटे हुए आशियाने को देखने जरूर पहुंच गये।

ज्ञात हो कि 1 जुलाई को घटित उक्त बडी घटना की सुरुआत जनवरी 2020 में ही हो चुकी थी। इस घटित हो चुकी घटना की संभावना को देखते हुए पीडित परिवार के राम वट्टी ने लगातार दिनांक 14 जनवरी 2020 एवं 30 अप्रैल 2020 को पुलिस थाना माकडी में लिखित में आवेदन देकर उचित कानूनी कार्यवाही करने की मांग की थी।

जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही न होता देख कुछ ग्रामीणों के द्वारा किए जा रहे अन्यायपूर्ण कृत्यों के सम्बंध में समय परिस्थिति के अनुसार 21 मई 2020 को कलेक्टर एवं एसपी कोण्डागांव को भी लिखित में आवेदन दिया गया। 25 जून को उक्त कुछ ग्रामीणों द्वारा राम के परिवार को प्रताडित करते हुए उनके द्वारा अपने पट्टे के खेत मे बोई गई फसल को जुताई करके नष्ट किया जाता देख तथा मना करने पर कुल्हाडी से काटकर जान से मार देने की धमकी देने पर राम द्वारा अपने भाई लक्ष्मण के साथ जिला मुख्यालय पहुंकर और पुलिस थाना माकडी द्वारा नामजद तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 107, 116 की कार्यवाही कर मामला तहसील न्यायालय कोण्डागांव में भेजे जाने जानकारी के आधार पर तहसील कार्यालय कोण्डागांव में आवेदन दिए जाने के साथ ही अगले दिनों में कलेक्टर एवं एस.पी. कोण्डागांव से प्रत्यक्ष मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी गई। इन सबके बाद भी कोई कार्यवाही न होता देखकर दोनों भाई 30 जून को पुनः तहसील न्यायालय कोण्डागांव पहुंचे जहां यह कहने पर कि 25 जून की घटना के संबंध में पुलिस थाना माकडी को सूचित करें, जिस पर पीडित राम-लक्ष्मण ने माकडी थाने में पहुंचकर आवेदन देने का प्रयास किया ही था की अगले ही दिन यानि 1जुलाई 2020 की सुबह 7-8 बजे के लगभग 3 दबंगों के उकसाने पर कुछ ग्रामीणों ने न केवल राम-लक्ष्मण और उनकी दो बहनों के साथ जमकर मारपीट किया बल्कि उनके के आशियाने को भी उजाड़ कर रख दिया।

उक्त घटना की सूचना मिलते ही माकडी पुलिस तत्काल मोहन बेडा पहुंची, पीडित घायलों को अपने साथ अस्पताल ले जाकर प्रथमिक उपचार करवाया। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, एएसपी कोण्डागांव, एसडीओपी फरसगांव भी जिला व तहसील कोण्डागांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिंगनपुर के आश्रित ग्राम मोहनबेडा में पहुंचकर पीडित परिवार के टूटे मकान का मुआयना किया और मारपीट करने व घर को तोडफोड करने वाले ग्रामीणों को समझाते हुए नजर आए। काश उक्त आला अधिकारियों ने समय रहते ग्रामीणों को समझाईश देने के लिए समय निकाला होता, तो संभवतः राम-लक्ष्मण के परिवार को बेघर न होना पडता। वहीं अधिकारियों की समझाईश का ग्रामीणों पर कोई असर होता नजर नहीं आया बल्कि उनमें से कई ग्रामीण अपने द्वारा किए गए मारपीट व घर को तोडने जैसे आपराधिक काम को सही बताया। ज्ञात हो कि राम वट्टी द्वारा दिए गए आवेदनों में जगत नेताम पिता घसिया, जयलाल नाहर पिता कोदू, एवं कौषल नाहर पिता भदरु को मुख्य आरोपी बताया गया है।

Mynews36 प्रतिनिधि राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published.