स्कूली छात्रा से दुष्कर्म मामले में विभागीय जांच का पता नहीं,जिम्मेदारों का बचाने का चल रहा खेल….

संकुल समन्वयक, बाकी स्टॉफ की भूमिका पर उठ रहे सवाल

राजनाँदगाँव MyNews36-चंवरढाल की नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा हुई दुष्कर्म की शर्मनाक घटना को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जिम्मेदारों को घटना की गम्भीरता का शायद अब तक भान नहीं हो पा रहा है।नाबालिग लड़कियों व बच्चों के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न को रोकने शासन प्रशासन के तमाम उपयों और निर्देशों के इतर बीईओ कार्यालय का मामले से दूरी का आलम इस कदर दिखाई दे रहा कि मामले में सहकर्मियों समेत संकुल समन्वयक की भूमिका और जवाबदेही पता करने अब तक विभागीय जांच जैसे शुरुआती कदम तक नहीं उठाये जाने की खबर है जबकि डीईओ की ओर से आरोपी के खिलाफ अपराधिक मामले में की गई पुलिस कार्यवाही की जानकारी सीधे संकुल समन्वयक के मार्फ़त मंगाने शनिवार को पत्र लिखा गया है।जबकि अमूमन अब तक निर्धारित माध्यम बीईओ कार्यालय से ही तमाम कार्यालयीन पत्र पहुंचाया जाता रहा है इस पत्र के बाद उक्त गम्भीर मामले में बरती जा रही लापरवाही से विभाग घिरते नजर आ रहा है।

नाबालिग स्कूली बच्चियों के साथ यौन शोषण की लगातार घटना के बदनुमा कलंक झेल रहे राजनांदगांव विकासखंड शिक्षा विभाग में पूर्व में हुई घटनाओं के बाद भी इस घृणित अपराध को रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाये जाने के अभाव और जिम्मेदार आला अधिकारियों की लापरवाही के चलते इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति से अब पालकों में अपने बच्चियों की सुरक्षा को लेकर काफी डर बैठ गया है।

विगत दो वर्षों में राजनांदगांव विकासखंड में अब तक कुल 6 घटनाएं हो चुकी है इसके बावजूद विभागीय तौर पर इतने संवेदनशील और गम्भीर मामले में ब्लॉक और जिला स्तर के उच्च अधिकारियों द्वारा निभाई जा रही औपचारिकताओं और मामले को दबाने के प्रयास के चलते कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुक्रवार को चंवरढाल स्कूल में पदस्थ शिक्षक दुर्गेश यादव ने हायर सेकंडरी की छात्रा को पुस्तक देने के बहाने शिक्षक के झांसे में स्कूल पहुंची छात्रा के साथ आरोपी शिक्षक ने क्लास रूम में बलात्कार कर दिया घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक की पिटाई करते हुए बंधक भी बनाया और पीड़िता को परिजनों के सुपुर्द कर दिया और घटना की खबर आसपास के गांव और मीडिया तक को हो गई तब भी विभाग के इस गम्भीर मामले में अनभिज्ञता जताकर मामले में पर्दा डालने के चक्कर में आला अधिकारी अनभिज्ञता जताते रहे।

ग्रामीणों की सक्रियता के चलते मामले का भंडाफोड़ होने के बाद भी दबाने के लिये मामले में राजनीति भी शुरू हो गई और इसी चक्कर मे आरोपी शिक्षक को पुलिस को सौंपने के बजाय घटना के दिन छोड़ दिया गया था और मामले को आपस में निपटारा कर दबाने की कोशिशों के चलते रिपोर्ट भी 24 घण्टे बाद किये जाने से विभाग की कलई खुल गई जबकि घटना के दूसरे दिन भी आरोपी शिक्षक बेफिक्री से विद्यालय में साथी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति के साथ बैठक में घण्टों उपस्थित रहा जबकि सूत्रों का यह भी मानना है कि इस दरम्यान सम्बंधित संकुल समन्वयक घटनास्थल और थाना के इर्दगिर्द चक्कर लगाते पाया गया।

आरोपी शिक्षक को तीन घंटे तक स्कूल में बंद रखने के बाद भी घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर निवासरत संकुल समन्वयक को खबर नहीं होने का बहाना से लेकर आला अधिकारियों की बहानेबाजी को जोड़कर देखा जाये तो विभागीय स्तर पर भी घटना के तत्काल बाद संज्ञान लेने जैसी गम्भीरता नहीं दिखाई दे रही है घटना की चर्चा तेजी से गांव और आसपास फैलने के बाद भी मिडिल स्कूल के बाकी शिक्षकों समेत संकुल समन्वयक की भूमिका पर सवाल खड़े होना लाजिमी है,जबकि घटना के दूसरे दिन शनिवार को स्कूल में गणतंत्र दिवस की तैयारियों के सम्बंध में सरपंच, शिक्षा समिति के पदाधिकारियों और ग्राम पटेल के साथ बैठक निश्चिंत होकर शामिल आरोपी शिक्षक की गम्भीर अपराध को छुपाने की कोशिश समझा जा रहा है।

परंतु इतनी गम्भीर घटना को मौजूद पदाधिकारियों तक को शिक्षकों ने दबाये रखने के चक्कर में बताने से परहेज किया सूत्रों के अनुसार पीड़िता के परिजनों के कहने पर सरपंच प्रतिनिधि और कुछ ग्रामीणों के साथ घुमका थाना पहुंचे पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध कायम कर देर शाम तक आरोपी को गिरफ्तार कर किया गया जबकि मामले को दबाने कई नेताओं और सम्बंधित संकुल समन्वयक को थाने में काफी सक्रियता मीडिया में हल्ला मचने के बाद धरी रह गई देखा गया।

बीते दो साल में जिले भर में स्कूली बच्चियों के साथ यौन अपराध के 10 मामलों में शुमार सर्वाधिक राजनांदगांव विकासखंड में पूर्व में सहसपुर दल्ली, भरदाखुर्द, बिरेझर(मुढ़ीपार), धनगांव, राजनांदगांव शहर, के बाद चंवरढाल में घटित घटनाओं के बाद भी शिक्षा विभाग के ब्लॉक और जिला स्तर के आला अधिकारियों की लापरवाही का आलम यहां तक स्पष्ट हो रहा है कि घटना की खबर सम्बंधित अधिकारियों को मीडिया से मिल रही है और राजनांदगांव विकासखंड में लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी जिले से लेकर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही पूर्व में भी तय नहीं की गई और किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही तक नहीं हो पाने के चलते घटनाओं को हल्के में लेने के चक्कर में इस तरह की एक बार फिर घटना हो गई जबकि तत्कालीन कलेक्टर ने ऐसे मामलों में सख्ती बरतते हुए संकुल समन्वयकों समेत दोषी सहकर्मियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया था परंतु मामले मे अभी तक छह दिन बीत जाने के बाद भी जिला और विकासखंड अधिकारी की ओर से जांच का आदेश तक जारी नहीं किया गया है।

शनिवार देर शाम को एफ आई आर के बाद रात तक जांच कर लेने के विकासखंड शिक्षा अधिकारी के दावे के उलट अभी तक विभागीय तौर पर बाकी शिक्षको और समन्वयक से बयान नहीं लिया जा सका है वहीं पूरे मामले में शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर से संकुल समन्वयक को जारी पत्र से महकमे की लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है कि नाबालिग छात्रा से शिक्षक द्वारा दुष्कर्म के गम्भीर मामले को छेड़खानी और दुर्व्यवहार मानकर घुमका पुलिस की कार्यवाही जिसमे गिरफ्तारी और हिरासत से छोड़ने का ब्यौरा मंगवाया जाना जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम बनाने के बजाय सीधे समन्वयक से पत्राचार के खेल में आरोपी शिक्षक को आपराधिक मामले में पुलिस हिरासत के चलते निलम्बन की औपचारिकता निभाने की गरज और बीईओ समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शे जाने का खेल बताया जा रहा है जबकि पूरे विकासखंड में दो साल में स्कूलों में घटित हो रहे यौन उत्पीड़न लगातार घटनाओं को लेकर विकासखंड शिक्षा कार्यालय की जिम्मेदारी आज तक तय नहीं की जा सकी है।

इस मामले पर जब MyNews36 ने राजनाँदगाँव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि – मामला काफी गम्भीर है।आरोपी को एफआईआर के बाद जेल भेज दिया गया है,ऐसी घटना रोकने कड़ा कदम उठाया जाएगा।जांच के बाद बाकी पक्षों की जिम्मेदारी तय की जायेगी।

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