मुंबई और गुजरात के लिए खतरा बने चक्रवाती तूफान निसर्ग के असर से छत्तीसगढ़ का मौसम भी बदला हुआ है।संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में पिछले दो दिनों से बादलों का डेरा है।हल्की हवाओं कर बीच कुछ जगहों में हल्की बारिश हो रही है।हालांकि तूफान से छत्तीसगढ़ का मौसम ज्यादा प्रभावित नहीं होगा लेकिन बादल छाए रहेंगे और कहीं कहीं बारिश होगी।मौसम बदलने से तापमान में काफी गिरावट आई है।अधिकतम तापमान 30 डिग्री के करीब पहुंच गया है।तूफान के कारण मानसून पर कोई असर नहीं हुआ है।यह केरल से आगे बढ़ गया है। आने वाले एक दो दिनों में इलाके में प्री मानसून बारिश शुरू होने की संभावना है।ऐसे में लोगों को जल्द ही गरमी से राहत मिलेगी।

धान नर्सरी की तैयारी शुरू

इस साल बारिश की स्थिति की बेहतर संभावना के बीच किसानों द्वारा धान की खेती की तैयारी शुरू कर दी गई है। धान की नर्सरी लगाई जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक 15 जून से पहले नर्सरी लगा देनी चाहिए ताकि जुलाई के पहले पखवाड़े तक धान की रोपाई हो सके। इससे अच्छे उत्पादन की संभावना रहती है।

अधिक दूरी के कारण प्रभाव नहीं

छत्तीसगढ़ से इसकी दूरी अधिक होने के कारण विशेष प्रभाव नजर नहीं आ रहा है लेकिन लगातार पश्चिमी हवा के चलने से निसर्ग तूफान के द्वारा समुद्र से खींची जा रही नमी उत्तर छत्तीसगढ़ तक पहुंच रही है। इससे बादलों की निरंतर आवाजाही रहेगी और गरजने वाले बादल बनने से मेघ गर्जना के साथ बौछार की संभावना रहेगी।

-एएम भट्ट, मौसम वैज्ञानिक

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