ओडिशा-आंध्र के तटों से टकराया चक्रवाती तूफान गुलाब,नौसेना अलर्ट…34 ट्रेनें रद्द…..

भुवनेश्वर MyNews36 – भारतीय नौसेना ने रविवार को कहा कि वह चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) से उत्पन्न स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और उसके पोतों और विमानों को बचाव एवं राहत कार्य के लिए तैयार रखा गया है। भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि ‘गुलाब’ तूफान (Cyclone Gulab) के रविवार की मध्यरात्रि ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्नम तट के बीच से गुजरने की संभावना है।

मौसम विज्ञान के नए अवलोकनों के अनुसार, क्लाउड बैंड ने तटीय क्षेत्रों को छू लिया है और इस प्रकार लैंडफॉल की प्रक्रिया उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण तटीय ओडिशा में शुरू हो गई है। इसका असर दिखाई दे रहा है

यहां जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक विशाखापत्तनम में नौसेना का पूर्वी कमान और ओडिशा में नौसेना के प्रभारी अधिकारी तूफान के प्रभावों का सामना करने की तैयारियां की हैं। बयान में कहा गया कि नौसेना जरूरत पड़ने पर मदद के लिए लगातार राज्य प्रशासन के संपर्क में है और तूफान की गति पर करीब से नजर रखे हुए है।

उन्होंने बताया कि तैयारियों के तहत बाढ़ सहायता टीम और गोताखोरों की टीम ओडिशा में तैनात है और विशाखापत्तनम में तत्काल मदद के लिए टीम तैयार है। बयान के मुताबिक नौसेना के दो पोत समुद्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री के साथ-साथ चिकित्सा दलों के साथ तैनात हैं जो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुचांएगे।

इसके साथ ही विशाखापत्तनम में नौसेना के हवाई ठिकाने आईएनएस देगा और चेन्नई के नजदीक आईएनएस रंजली पर विमान सबसे अधिक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने, घायलों को बचाने और राहत सामग्री गिराने के लिए तैयार रखे गए हैं।

इस बीच, पूर्व तटीय रेलवे ने गुलाब तूफान के चलते 34 जोड़ी रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही पूर्व तटीय रेलवे ने 13 रेलगाड़ियों का समय पुनर्निधारित किया है जबकि 17 रेलगाड़ियों का रास्ता बदला गया है। रेलवे ने बताया कि चक्रवाती हवाओं के साथ भारी बारिश होने के पूर्वानुमान के चलते सभी एहतियाती उपाय पूर्व तटीय रेलवे द्वारा किए गए हैं।’’ रेलवे इसके साथ ही संभावित प्रभावित क्षेत्रों में गहन गश्त भी कर रहा है। रेलवे ने बताया कि पुलों पर नजर रखी जा रही है और बिजली और सिग्लन परिचालन को प्रभावित होने से बचाने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

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