अगले 10 दिनों में शुरू हो सकता है भारत में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण- स्वास्थ्य मंत्रालय

CoronaVirus Vaccine
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भारत में कोरोना का कहर बहुत दिनों बाद घटता नजर आ रहा है। देश में 7 महीने बाद बीते चार दिनों में कोरोना संक्रमितों के आंकडों में कमी आई है। भारत में लगातार चौथे दिन Covid-19 के 20 हजार से कम नए मामले सामने आए हैं, जो कि एक राहत की खबर है। इसी के साथ एक अच्छी खबर ये भी है कि स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry Of Health)ने अपने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया है कि वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिलने के 10 दिन के भीतर कोरोना का टीकाकरण (Covid-19 vaccine drive) शुरू हो जाएगा। साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से मीडिया ब्रीफिंग में कोरोना के टीकाकरण को लेकर कुछ और चीजें भी बताई गईं।

10 दिन के भीतर कैसे शुरू होगा कोरोना का वैक्सीनेशन?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार की मीडिया ब्रिफिंग में बताया कि देश में कोरोना के 2 वैक्‍सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मिली मंजूरी के बाद टीकाकरण के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में 41 बड़े वैक्सीन स्टोर बनाए गए हैं, जहां से देश के अलग-अलग कोने तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। इन तमाम चीजों का सही से परीक्षण करने के लिए ड्राई ट्रायल भी किया गया है, जिसमें वैक्सीनेशन को लेकर बड़ी परेशानियां नजर नहीं आई। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को ये भी कहा कि कोरोना के मामलों में कमी आ रही है, जिससे देश में स्वास्थ्य ढांचे पर बोझ पहले से काफी कम हुआ है, जो कि एक राहत की बात है।

कोविन (Cowin) एप पर होगा रजिस्ट्रेशन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दौरान ये भी बताया कि Cowin एप के जरिए लोगों को यूनिक हेल्थ ID generate किया जाएगा। पर इसमें हेल्थ केअर और फ्रंटलाइन वर्कर को छूट मिलेगी। यानी कि उन्हें कोविन एप पर रजिस्टर कराने की जरूरत नहीं होगी। इनका डेटा पहले ही सरकार के पास होगा लेकिन बाकी मामलों में रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ सकती है।Cowin एप का फायदा ये होगा कि वैक्सीन लगवाकर एक QR कोड सर्टिफिकेट भी मिलेगा। साथ ही इस दौराना टीकाकरण में लगे हैल्‍थवर्कर्स और टीकाकरण के लिए इंतजार कर रहे लोगों को जानकारी देने के 12 भाषाओं में लोगों को SMS भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण की मानें, तो कोविन के जरिए टीकाकरण का स्‍वचालित संचालन (Automated allocation) होगा। इस दौरान आधार के जरिए प्रमाणीकरण के तरीके से कदाचार (malpractice) को रोका जाएगा।

इनके बाद नंबर आएगा प्राथमिकता वाले उम्र समूह का, जिसमें 27 करोड़ भारतीय होंगे। इसमें 50 वर्ष से ऊपर के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। साथ ही इसमें 50 वर्ष कम उम्र के ऐसे लोगों को भी टीका लगाया जाएगा, जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो और जिन्हें कोरोना होने का खतरा ज्यादा हो। साथ ही वैक्सीनेशन के बाद हर शख्स पर नजर रखी जाएगी और किसी भी विपरीत प्रभाव पर सरकार की कड़ी नजर रहेगी। गौरतलब है कि वैक्सीन हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स के अलावा कोरोना मरीजों के इलाज में लगे सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर, नर्स आदि को भी लगाए जाएंगे। साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर्स में सुरक्षा बल, पुलिस, होम गार्ड, म्यूनिसिपल वर्कर आदि शामिल होंगे, जिनका टीकाकरण किया जाएगा।

भारत की बात छोड़ दें, तो ब्रिटेन में कोरोना का आंतक अभी जारी है। ब्रिटेन में बीते साल कोरोना वायरस फैलने के बाद 1 दिन में संक्रमित लोगों के सबसे अधिक मामसे सामने आए हैं। कल यहां 60,196 नए मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि जॉनसन ने ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन के चलते फैल रहे संक्रमण को देखते हुए सोमवार को एक बार फिर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी। जॉनसन ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) 13 लाख लोगों को फाइजर, बायोएनटेक और ऑक्सफॉर्ड एस्ट्राजेनेका के टीके लगा चुकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को कहा कि देश में टीकाकरण कार्यक्रमों को लेकर रोजाना आंकड़े जारी किए जाएंगे।

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