स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर 1.4 फीसदी है। वहीं कोरोना के सक्रिय केस बढ़कर 551 हो गए हैं। इनमें से होम आइसोलेशन में 362 और अस्पतालों में 15 मरीज भर्ती हैं।

ओमिक्रॉन की लहर से बाहर आने के बाद पहली बार दिल्ली संक्रमण की एक नई लहर की ओर बढ़ रही है। बीते सात दिन में पहली बार सबसे अधिक लोग एक दिन में कोरोना संक्रमित मिले हैं। साथ ही दैनिक संक्रमण दर 1.60 फीसदी पार हुई। बीते एक अप्रैल की तुलना करें तो दैनिक संक्रमण दर में तीन गुना से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया है। एक अप्रैल को यह दर 0.50 फीसदी पाई गई।

गुरुवार को दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि बीते एक दिन में कोरोना के 176 नए मामले सामने आए। वहीं 118 मरीजों को छुट्टी दी गई। बीते एक दिन में 10453 नमूनों की जांच की गई थी जिसमें 1.68 फीसदी नमूने संक्रमित पाए गए।

कोरोना की शुरुआत से अब तक राजधानी में कुल 18,65,796 लोग संक्रमित हो गए हैं। इनमें से 18,39,090 मरीज ठीक हो गए। जबकि कुल 26,155 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर 1.4 फीसदी है। वहीं कोरोना के सक्रिय केस बढ़कर 551 हो गए हैं। इनमें से होम आइसोलेशन में 362 और अस्पतालों में 15 मरीज भर्ती हैं। इनमें से आईसीयू में 4, ऑक्सीजन सपोर्ट पर 7 और वेंटिलेटर पर 1 मरीज भर्ती हैं। दिल्ली में बढ़ते मामलों के बीच कंटेनमेंट की संख्या बढ़कर 2640 हो गई है।

गुरुग्राम: 10 दिन में 40 फीसदी तक घटी जांच लेकिन दोगुनी हो गई संक्रमण दर
गुरुग्राम में धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। स्थिति यह है कि पिछले 10 दिनों में रोजाना होने वाली कोरोना जांच में तो 40 फीसदी तक की गिरावट आ गई, लेकिन कोरोना संक्रमण दर दोगुनी हो गई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक औसतन रोजाना 3500 से ज्यादा नमूने लिए जा रहे थे और उस वक्त जिले में संक्रमण दर कम होकर 1.11 फीसदी पर आ गई थी, लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग है।

इस समय लगभग 1500 नमूने लिए जा रहे हैं और संक्रमण दर करीब तीन गुना बढ़कर 3.09 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं दो माह पहले के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि कोरोना जांच के लिए रोजाना एकत्र किए जाने वाले नमूनों मेें 66 फीसदी की कमी आई है। हालांकि, उस वक्त संक्रमण दर 11.33 फीसदी थी। मालूम हो कि इस वर्ष 13 से 28 जनवरी के बीच कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर चरम पर थी। उस वक्त संक्रमण दर बढ़कर 25 फीसदी तक पहुंच गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.