कोरोना कोई बड़ी बीमारी नहीं….सही समय पर जांच उपचार व मनोबल को बनाएं रखे – पत्रकार संजय भदौरिया

सुकमा MyNews36 – ग्रामीण अंचल में कोरोना काल मे लगातार जन समस्याओं को शासन के समक्ष लाने व मास्क वितरण व कोरोना के नियम का पालन करने को लेकर भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष दीपिका शोरी के साथ कार्य करते हुए हम दोनों कोरोना पॉज़िटिव हो गए ,
जिसके उपरांत मैं अपनी मनस्तिथि साझा कर रहा हूँ साथ ही शुभचिंतको के लिए भी कुछ कहना चाहूंगा जिसे पढ़कर वो भी एक कोरोना मरीज के साथ कैसी बातें करना चाहिए व कैसी बातें नहीं करनी चाहिए समझ सकें।

17 अप्रेल को जैसे ही मुझे ज्ञात हुआ मैं कोविड पॉजिटिव हो गया हूँ मेरी आँखों के सामने अंधेरा सा छा गया बहुत मायूस हो गया था पर ऐसे समय मे परिवार का साथ एवं दीपिका शोरी का उत्साहवर्धन मनोबल बढ़ाने के काम आया दो दिन होम आइसोलेट रहने के पश्चात शुभचिंतको ने मुझे डाइबिटीज होने के कारण सलाह दी कि डॉक्टर्स के निगरानी में रहना उचित होगा तो मुझे जिला अस्पताल जाने की सलाह दी ,पर अस्पताल का माहौल कैसा होगा इससे मैं बेहद डरा हुआ था।मन चाह रहा था अस्पताल न जाऊँ पर घरवालों की बात मानकर अस्पताल आना पड़ा ,मैं धन्यवाद देना चाहूंगा छोटे भाई विकास भदौरिया एवं छिंदगढ़ में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ विजय तिवारी का जिन्होंने हॉस्पिटल में मेरे लिए एक सेपरेट कमरे की व्यस्था करवाई।जिसमे तीन बेड थे व शाम को ही मेरा 2 वर्षीय भांजा माधव जो मेरे सम्पर्क में आने के कारण पॉज़िटिव हो गया था मेरी छोटी बहन निहारिका के साथ सुकमा हॉस्पिटल में आ गया व हम तीनों ही एक कमरे में शिफ्ट हो गए।

आदर्श कोविड सेंटर के रूप में माना जाना चाहिए सुकमा को

सुकमा के कोविड सेंटर को एक आदर्श कोविड सेंटर के रूप में माना जाना चाहिए क्योंकि यहाँ के डॉक्टर्स,नर्सेस खासकर डॉ. दिलीप एवं नर्स पूनम का व्यवहार मरीजों के प्रति बहुत ही सकारात्मक है, यहां तक कि सफाई कर्मचारी व गार्ड सभी का व्यवहार मरीजों के प्रति बहुत ही पॉजिटिव व प्रेम मय है, यहाँ के डॉक्टर्स मरीजों का बहुत ही उत्साहवर्धन करते है जिससे उनका मनोबल बढ़ता है।

भोजन की है उत्तम व्यवस्था

कलेक्टर सुकमा की विशेष निगरानी में मरीजों का विशेष ख्याल रखा जाता है सही समय पर चाय,नाश्ता,भोजन जो कि उत्तम दर्जे का होता है मरीजों को दिया जाता है जिससे उन्हें एक पल को भी घर के भोजन की याद नहीं आती है परन्तु कुछ दिनों तक उत्तम भोजन मिलने के पश्चात भोजन के स्तर में गिरावट आने लगी जिसकी शिकायत सभी कोविड पेशेंट ने की जिसके बाद भोजन के स्तर में पुनः सुधार किया गया

शुभचिंतको के नेगेटिव बातों से गिरता है मनोबल

अब मैं सबसे विशेष बात कहने जा रहा हूँ जो मैंने इन दिनों के बीच मे महसूस किया था किसी भी शुभचिंतक को कभी भी किसी मरीज से नेगेटिव बातें नहीं करनी चाहिए हमेशा सकारात्मक बातें ही करनी चाहिए जिससे मनोबल बना रहे हॉस्पिटल में रहने के दौरान मेरे दो फोन कॉल्स ने अचानक मेरी तबियत खराब कर दी थी फिर किसी तरह डॉक्टर से बात कर एवं दवाइयां लेकर मेरी तबियत में सुधार आया जिसके बाद मैंने कॉल्स उठाने बंद कर दिए

मैं धन्यवाद करना चाहूँगा छिंदगढ़ के युवा कांग्रेसी नेता राजेश चौहान का जिन्होंने इस कठिन समय मे मेरा सहयोग किया व लगातार मेरी तबियत के सम्बंध में जानकारी लेते रहे साथ ही भाजपा प्रदेश महामंत्री किरणदेव ,पूर्व भाजपा अध्यक्ष मनोज देव,पत्रकार पीसा राजेन्द्र, पत्रकार सलीम भाई, मेरे मित्र लक्खू चाचा,पवन चाचा,राजकुमार भदौरिया,भाजपा जिला महामंत्री बस्तर बड़े भाई रामाश्रय सिंह का जिन्होंने लगातार मेरी कुशल क्षेम पूछी व इस कठिन दौर में मेरा मनोबल बढाते रहे साथ ही विशेष धन्यवाद करना चाहूँगा हमारी नेत्री दीपिकाशोरी का व पूर्व कोषाध्यक्ष भाजपा सुकमा राजू भैया का दोनों स्वयं कोरोना से पीड़ित हैं।बावजूद इसके पल पल मेरे स्वास्थ्य की चिंता की ,इतना ही नहीं उन्होंने लगातार डॉक्टर से सम्पर्क कर मेरे स्वास्थ्य की विशेष चिंता करने हेतु आग्रह किया ,इस कठिन काल में मेरे परिवार के समस्त सदस्य जिन्होंने मेरा ख्याल रखा मैं सदैव इनका आभारी रहूंगा। 10 दिन अस्पताल में रहने के बाद आज मुझे व मेरे भांजे माधव को डिस्चार्ज किया गया मैं अस्पताल के समस्त स्टाफ का धन्यवाद करना चाहूँगा जो कोविड मरीजों का अपने घर परिवार के जैसा खयाल रखते हैं।

अंत मे कोरोना को लेकर इतना कहना चाहूँगा यदि आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो बिना शर्म,संकोच के जांच कराएं क्योकि मैंने महसूस किया है कि सही समय पर जांच व उपचार ही इसका एकमात्र इलाज है यह कोई बड़ी बीमारी नहीं सिर्फ अपने मनोबल को बनाएं रखें कोरोना आपका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता।

MyNews36 प्रतिनिधि ताराचंद जैन की रिपोर्ट

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