कोरोना की भयावहता दिनोंदिन बढ़ रही है। देश में अब रोजाना 25 फीसदी की रफ्तार से कोरोना के सक्रिय मरीज बढ़ रहे हैं। साप्ताहिक संक्रमण दर पांच फीसदी पार हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार पांच फीसदी या उससे अधिक संक्रमण दर होने पर हालात चिंताजनक माने जा सकते हैं।

इंडिया डाटा पोर्टल के अनुसार देश में कोरोना की पहली लहर का पीक 16 से 17 सितंबर 2020 को आया था। इसके बाद दूसरी लहर का पीक बीते साल पांच मई को दर्ज किया गया। हालांकि, तीसरी लहर के पीक को लेकर आईआईटी विशेषज्ञों का सुपर मॉडल भी फेल साबित हुआ।

बीते नवंबर माह में आईआईटी विशेषज्ञों ने सुपर मॉडल के जरिये दावा किया था कि तीसरी लहर में एक लाख तक रोजाना मामले मिलेंगे और इसके बाद संक्रमण नीचे की ओर बढ़ने लगेगा। जबकि, पिछले एक दिन में ही कोरोना के 1.48 लाख से भी अधिक मामले दर्ज हुए हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीसरी लहर का पीक अब तक न आने की पुष्टि की है।

संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,53,68,372 हो गई है, 4,83,463 लोग दम तोड़ चुके हैं। दैनिक मामलों के अलावा पिछले एक दिन में संक्रमण से 285 मरीजों की देश भर में मौत हुई है। हालांकि केरल सरकार ने 158 पुरानी मौतों की जानकारी भी देरी से दी है।

कोवाक्सिन की तीसरी खुराक डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ पांच गुना असरदार

कोवाक्सिन की तीसरी खुराक वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ पांच गुना तक असरदार है। भारत बायोटेक कंपनी ने परीक्षण के परिणाम सार्वजनिक किए हैं। कोवाक्सिन की दो खुराक लेने के 6 माह बाद जब लोगों को तीसरी खुराक दी गई तो उनमें एंटीबॉडी का स्तर तेजी से बढ़ा। तीसरी खुराक लेने के बाद लोगों में एंटीबॉडी इतनी बढ़ गईं कि वह डेल्टा वैरिएंट जैसे कोरोना वायरस के अति जोखिम वाले संक्रमण के खिलाफ पांच गुना तक बचाव करने में सक्षम हैं।

दिल्ली में संक्रमण दर 17 फीसदी पार

इसी तरह दिल्ली की बात करें तो दिल्ली में कोरोना की दैनिक संक्रमण दर 17 फीसदी पार हुई है। तीन दिन पहले तक यह दर 10 फीसदी के आसपास थी लेकिन शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि राजधानी में अब कोरोना की संक्रमण दर 17 फीसदी से अधिक दर्ज की जा रही है। बीते सात जनवरी को यह 17.68 फीसदी रही। जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने आगामी दिनों में यह दर और अधिक बढ़ने की आशंका भी जताई है।

यहां फैल रहा सबसे ज्यादा संक्रमण

यहां तेजी से बढ़ रहे सक्रिय मरीज

मुंबई : दूसरी लहर की तुलना में संक्रमण दर 12 फीसदी अधिक, पर मृत्यु दर काफी कम

मुंबई में दूसरी लहर की तुलना में इस बार संक्रमण दर 12 फीसदी अधिक है, लेकिन मृत्यु दर कम है, जबकि रोजाना 20 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो रहे हैं। लेकिन टीका लगवाने वाले मरीजों के भर्ती होने का आंकड़ा महज 4 फीसदी है। अस्पतालों में मरीजों के लिए 35 हजार बेड की व्यवस्था है जिस पर मात्र 5900 मरीज हैं। आर्गनाइज मेडिसिन अकादमी गिल्ड के महासचिव डॉ. ईश्वर गिलाडा कहते हैं कि ओमिक्रॉन डेल्टा स्वरूप से कम जानलेवा है।

बंगाल में 20 फीसदी तक पहुंची संक्रमण दर, 91 हजार सक्रिय मरीज

पश्चिम बंगाल में भी कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है। यहां दैनिक संक्रमण दर 20 फीसदी पार चली गई है। प. बंगाल में फिलहाल 51 हजार से ज्यादा मरीज उपचाराधीन हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर 10.88 फीसदी हैं। एक महीने में महाराष्ट्र और केरल के बाद बंगाल में 12.98 फीसदी करीब 91 हजार सक्रिय मरीजों में इजाफा हुआ है। बीते सात दिन में ही पश्चिम बंगाल में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर 19.68 फीसदी तक जा पहुंची है।

पत्नी-बेटा संक्रमित, उधर पंजाब के सीएम चन्नी बिना मास्क कर गए चुनावी सभा

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की पत्नी और बेटे समेत परिवार के तीन सदस्यों की रिपोर्ट शनिवार को कोरोना पॉजिटिव आ गई। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को चन्नी पटियाला जिले में दो चुनावी समागमों का हिस्सा बने।

दिन के समय चन्नी ने राजपुरा के मौजूदा कांग्रेसी विधायक हरदयाल सिंह कंबोज के हक में चुनावी रैली की। इसके बाद पटियाला के हरपाल टिवाणा आडिटोरियम में विराट संत सम्मेलन में शिरकत की। दोनों ही समागम में चन्नी के साथ मंच पर मौजूद किसी भी गणमान्य ने मास्क नहीं पहना था। चन्नी की रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव रहने की बात कही जा रही है।

सात दिन में दोगुना बढ़े ओमिक्रॉन मरीज, चार नए राज्यों तक पहुंचा

ओमिक्रॉन की वजह से देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर आई है। बीते सात दिन में ओमिक्रॉन के मामले दो गुना तक हुए हैं। वहीं यह चार नए राज्यों तक जा पहुंचा है। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि देश में अब कोरोना की तीसरी लहर की वजह भी ओमिक्रॉन स्वरूप ही है।

आंकड़ों के अनुसार, 25 दिसंबर तक देश के 17 राज्यों में ओमिक्रॉन मिला। बढ़ते मामलों की वजह से अब देश के 27 राज्यों में ओमिक्रॉन की पहचान हुई है। साथ ही, इससे संक्रमित रोगियों की संख्या भी 3071 तक पहुंच गई है। इनमें से 1203 मरीजों को छुट्टी भी मिली है।

15 दिसंबर के बाद तेजी से बढ़ा ओमिक्रॉन का दायरा

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते दिसंबर माह के पहले दो सप्ताह तक देश के चुनिंदा राज्यों में ही ओमिक्रॉन के मामले मिल रहे थे लेकिन 15 दिसंबर के बाद से लगातार इसका दायरा बढ़ता चला गया।

ऐसे बदल रही स्थिति, डेल्टा की जगह ले रहा ओमिक्रॉन

अधिकारियों ने बताया कि एक महीने पहले पश्चिमी और उत्तरी राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले मिल रहे थे। लेकिन अब सभी राज्यों में ओमिक्रॉन ही दिखाई दे रहा है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से सभी राज्यों में तीसरी लहर तेजी से फैल रही है।

पांच दिन में दो करोड़ किशोरों ने लिया टीका, अब एहतियाती खुराक की बारी

कोरोना टीकाकरण को लेकर किशोर वर्ग में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी के चलते बीते पांच दिन में रिकॉर्ड टीकाकरण भी देखने को मिला है। 15 से 17 वर्ष की आयु के दो करोड़ से भी ज्यादा किशोरों ने तीन से सात जनवरी के बीच टीका की पहली खुराक लेकर सुरक्षा कवच धारण किया है। अब सोमवार यानी 10 जनवरी से देश में स्वास्थ्य कर्मचारी, फ्रंटलाइन वर्कर और पहले से बीमार 60 वर्ष या उससे अधिक के आयु वालों को कोरोना टीका की एहतियाती खुराक देने की तैयारी पूरी हुई है।

सभी राज्यों के लिए केंद्र से दिशा-निर्देश जारी भी कर दिए हैं। कोविन पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार देश में शनिवार तक कुल टीकाकरण 151 करोड़ पार हुआ है। अब तक 62 करोड़ से भी ज्यादा आबादी दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुकी है। पिछले एक दिन में ही 98 लाख से अधिक लोगों ने टीका लेकर खुद को सुरक्षित किया है।

एहतियाती टीका : फोन नंबर की मदद से ले सकेंगे टीका

10 जनवरी से शुरू होने वाले टीकाकरण में करीब एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारी, पांच करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर और 2.75 करोड़ पहले से बीमार बुजुर्गों की आबादी शामिल है। दो खुराक लेने के नौ महीने का समय पूरा होने के बाद ही एहतियात खुराक दी जा सकती है। कोविन पर पंजीयन की जरूरत नहीं। जिस फोन नंबर के जरिये दोनों खुराक ली थीं उसी का इस्तेमाल करते हुए तीसरी खुराक ली जा सकती है।

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