ठेकेदार 23 से हड़ताल पर, मुख्यमंत्री निवास, विधानसभा भवन और मंत्रियों के बंगलों के निर्माणाधीन बड़े प्रोजेक्ट पर लेगेगा ब्रेक

नवा रायपुर में संचालित मुख्यमंत्री निवास, विधानसभा भवन और मंत्रियों के बंगलों के साथ ही प्रदेश में करीब एक हजार करोड़ के निर्माणाधीन बड़े प्रोजेक्ट पर 23 फरवरी से ब्रेक लग जाएगा, क्योंकि प्रदेश सरकार द्वारा गौण खनिज रायल्टी और बाजार दर के निर्माण में ठेकेदारों की कटौती कर दी गई है। इसके विरोध में प्रदेश भर के ठेकेदार एकजुट हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन द्वारा प्रत्येक जिले में ठेकेदारों की बैठक ले रहा है। कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार को 22 फरवरी तक की मोहलत दी है। यदि सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो 23 फरवरी से काम बंद हो जाएगा। कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश भर में करीब 10 हजार करोड़ का काम चल रहा है। राज्य सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो मजबूरी में काम बंद करना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने रायल्टी की दरों में कटौती कर दी है। रायल्टी की कटौती ठेकेदारों को स्वीकार्य है, लेकिन बाजार दर अनुचित है। वर्तमान समय में स्टोन, स्वाइल, मुरुम पर अगर बाजार दर से कटौती की जाएगी तो ठेकेदारों द्वारा निर्माणाधीन कार्यों के लिए भुगतान करना काफी दिक्कतों भरा होगा।

वर्तमान में भवन निर्माण में आरसीसी का रेट 4,231 रुपये घनमीटर एसओआर में दर्ज है। अगर इस भवन को 20 प्रतिशत बिलों में बनाने के लिए निविदा ली गई है तो उस समय आरसीसी का रेट तीन हजार 385 होगा और इसमें गिट्टी की रायल्टी 520 घनमीटर होगी, शेष दो हजार 865 रुपये में जीएसटी, लेवर वेलफेयर सीमेंट और विभागीय सिस्टम में शिष्टाचार इन तमाम कटौती के बाद ठेकेदार को पांच वर्ष रखरखाव करना है, कुल मिलाकर इस प्रकार की कटौती शासन द्वारा की गई है। इस कारण ठेकेदार हड़ताल पर जाने के लिए मन मना रहे हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर भी लगेगा ब्रेक

नवा रायपुर में 80 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री निवास के अलावा राजभवन, विधानसभा भवन और मंत्रियों के बंगले का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास के पूरे परिसर में अत्याधुनिक सुविधाएं, सुरक्षाकर्मियों के लिए भी अगल से बैरक बनाए जा रहे हैं, इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था, मीटिंग हाल, अतिथि कक्ष आदि का भी निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार को 24 माह के अंदर इसका काम पूरा करके देना है, लेकिन यदि ठेकेदार हड़ताल पर चले गए तो मुख्यमंत्री निवास भी समय पर पूरा नहीं हो पाएगा।

इन कामों पर भी पड़ेगा असर

लोकनिर्माण विभाग के मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में लोक निर्माण विभाग करीब पांच हजार करोड़ और प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत करीब पांच सौ करोड़ रुपये का काम पूरे प्रदेश में चल रहा है, जिसमें कवर्धा से पंडरिया बाजार तक सड़क निर्माण, दुर्ग स्थित विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ छोटे-बड़े सैकड़ों के काम संचालित हो रहे हैं, लेकिन यदि ठेकेदार हड़ताल पर चले जाएंगे तो काम प्रभावित होगा।

वर्जन

प्रदेश सरकार रायल्टी की दरों में कटौती कर रही है, जो ठेकेदारों को स्वीकार है, लेकिन बाजार दर अनुचित है। सरकार यदि अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो 23 फरवरी से काम बंद हो जाएगा। इसके लिए प्रदेश भर के कांट्रेक्टर्स की बैठक ली जा रही है।

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