अभियान चलाकर 19 हजार बच्चो को कुपोषण से 6 महिने मे बाहर निकालने व्यापक कार्ययोजना तैयार

कलेक्टर ने महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सुपोषण नीति बनाने ली संयुक्त बैठक

कोण्डागांव MyNews36 प्रतिनिधि- जिला कलेक्ट्रेट भवन में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता मे महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक किया गया। इस बैठक मे जिले मे शत्प्रतिषत सुपोषण टीकाकरण एवं कृमिमुक्ति के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने पर विचार किया गया। इस संबंध मे महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी वरूण नागेष ने बताया कि जिले मे 0 से 6 वर्ष तक के कुल 19 हजार बच्चे कुपोषित पाये गये है तथा 15 से 49 वर्ष की 1 लाख 25 हजार महिलाओं मे रक्ताल्पता की समस्या पूर्व मे पाई गई है। इन सभी को इस अभियान के अंतर्गत आगामी 6 महिनो मे सुपोषित किये जाने का लक्ष्य लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही हैं। इसके प्रथम चरण में जिले के 0 से 6 वर्ष तक के सभी 60 हजार बच्चो एवं माताओं की स्वास्थ्य जांच कर ’नंगम पीला’ कार्ड तैयार  कुपोषण का स्तरीकरण करते हुए स्वास्थ्य प्रोफाईल निर्माण कर डेटा बेस तैयार करने का कार्य किया जायेगा। जिसमे पूर्व मे कुपोषित पाये गये 19 हजार बच्चो का विषेष ध्यान रखा जायेगा। इस डेटा बेस मे स्वास्थ्य प्रोफाईल के आधार पर कुपोषण एवं ऐनिमिया के मूल कारको को चिन्हाकिंत कर माता एवं षिषु का जन्म से अब तक के समस्त स्वास्थ्य सुचकांको के अधार पर जानकारी एक स्थान पर एकत्रित की जावेगी।

प्रथम जांच के साथ किया जायेगा कृमि मुक्ति एवं टीकारण

इस संबध में स्वच्छ भारत प्रेरक एवं सलाहकार आसिफ खान ने बताया कि बच्चो की प्राथमिक जांच के साथ उन्हे कृमि मुक्ति हेतु ऐल्बेन्डाजोल की गोली देना एवं उनके सम्पूर्ण टीकाकरण के संबध मे जानकारी लेकर उनका टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही मूलभूत अधोसंरचना को भी कुपोषण के कारक के रूप मे चिन्हाकिंत करते हुए ग्रामीण अधोसंरचना की जानकारी एकत्र की जावेगी। इसके अलावा स्थानीय आहारषैली, संस्कृति, खानपान, आदतो का अध्ययन कर कुपोषण के सभी संभावित कारको का गहन विषेष्लण के उपरान्त इसे पूर्ण रूप से हटाने के लिए जिला प्रषासन वृहद स्तर पर कार्य करेगा।

समग्र शिशु विकास की है रणनीति

अभियान के अंतर्गत पौष्टिक आहार एवं स्वास्थ्य जांच से आगे बढ़कर समग्र षिषु विकास की रणनीति तैयार की गई है। इसमें स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, सामुदायिक खानपान के स्तर में वृद्धि की जानी है इसके लिए ग्रामीण महिला स्व-सहायता समुहो की सहायता से सुपोषण वाटिका तैयार कर हरी सब्जी, भाजी, फल, अण्डा उत्पादन कर उन्हे सन्तुलित आहार लेने के लिए सहायता की जावेगी। प्रत्येक बच्चे का पृथक सन्तुलित आहार सूची का निर्धारण डायटिषियन द्वारा कराया जायेगा।

सामुदायिक सहभागिता से होगा पोषण उन्नयन

कुपोषित बच्चो के परिवारो पर विषष ध्यान देते हुए उनकी आजीविका सुनिष्चित करने के लिए उन्हे मनरेगा, एनआरएलएम ’बिहान’, श्रमविभाग की योजनाओं से जोड़ा जायेगा। सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत मे उत्साही युवाओं का चयन कर अभियान के सफल क्रिन्यान्वयन को सुनिष्चित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय जनप्रतिनिधियो समुदाय प्रमुख  आदि को अभियान का अभिन्न अंग बनाते हुए समीक्षा बैठको मे अवष्य शामिल किया जायेगा साथ ही विभिन्न विभागो के प्रषासनिक अधिकारियों को प्रत्येक गांवो के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर सतत् निगरानी की जावेगी। कार्यक्रम की समीक्षा प्रत्येक ग्राम मे संबंधित विभागो एवं स्थानिय प्रतिनिधियो द्वारा पाक्षिक समीक्षा साथ ही कलेक्टर द्वारा प्रत्येक माह सभी नोडल अधिकारियों की अभियान की प्रगति का आंकलन करने समीक्षा बैठक की जायेगी।

इस संबध मे कलेक्टर ने बताया कि लक्षित कर सभी कुपोषित 19 हजार बच्चो एवं 1 लाख से अधिक महिलाओ को आगामी 6 माह मे सुपोषित करने के लिए वृहत कार्ययोजना पर सभी विभागो के समन्वयन से कार्य किया जायेगा इसके लिए एप  द्वारा इसकी सतत् निगरानी भी की जावेगी। 25 जून से यह अभियान सम्पूर्ण जिले मे प्रारंभ हो जायेगा।

Mynews36 प्रतिनिधि राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

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