क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की मेलबर्न में हुई बैठक के बाद अमेरिका द्वारा भारत की तारीफ चीन को परेशान कर सकता है। क्वाड की बैठक के प्रमुख एजेंडों में एक एजेंडा चीन पर नकेल कसना भी है।
विश्व की प्रमुख शक्ति के रूप में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, इस बात को अब अमेरिका भी मानने लगा है। अमेरिका ने माना है कि भारत क्वाड की प्रेरक शक्ति है और क्षेत्रीय विकास का इंजन है। इतना ही नहीं अमेरिका ने भारत को हिंदी-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रमुख सहयोगी भी बताया है। अब अमेरिका द्वारा भारत की तारीफ को सुनकर चीन को एक बार फिर से मिर्ची लगना तय है।

भारत एक महाशक्ति: व्हाइट हाउस

व्हाइट हाउस के प्रधान उप प्रेस सचिव कैराइन जीन-पियरे ने कहा कि हम मानते हैं कि भारत दक्षिण एशिया और हिंद महासागर में एक समान विचारधारा वाला भागीदार और  महाशक्ति है जो कि दक्षिण पूर्व एशिया में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत क्वाड की प्रेरक शक्ति है और क्षेत्रीय विकास एक ताकतवर इंजन है।

क्वाड बैठक के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तनाव पर भी चर्चा

मेलबर्न की बैठक के बारे में बताते हुए जीन-पियरे ने कहा कि यह यूक्रेन के लिए रूसी खतरे पर चर्चा करने का एक अवसर था। क्वाड देशों ने रूस की आक्रामकता पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि क्वाड भागीदारों के साथ अपनी बैठकों के दौरान सचिव ब्लिंकन ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और हमारे यूरोपीय सहयोगियों का समर्थन करने के लिए हमारी तत्परता के आधार पर रूस के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।  

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