Mynews36
!! NEWS THATS MATTER !!

CM के गृह क्षेत्र में जर्जर भवन में पढ़ने के लिए मजबूर हैं बच्चे,हो सकता है बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल देने का दावा कर रहे हैं,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है,पाटन के ओदरागहन का यह शासकीय प्राथमिक शाला पूरी तरह जर्जर हो चुका है कि कभी भी गिर सकता है।

CM

दुर्ग-पाटन के ओदरागहन गांव के शासकीय प्राथमिक शाला का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है।हालात यह है कि-भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है,लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही से आज भी छात्र इसी जर्जर भवन के नीचे बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर है।इलाके के मुखिया, शिक्षक और बच्चे खतरें की आशंका को देखते हुए नया भवन बनवाने के लिए गुहार कर चुके हैं,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से डर का माहौल बना हुआ है।

CM

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का बेहतर माहौल देने का दावा कर रहे हैं,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।पाटन के ओदरागहन का यह प्राथमिक शाला इतना जर्जर हो चुका है कि-कभी भी गिर सकता है।सौ से ज़्यादा छात्र-छात्राओं वाले इस विद्यालय के कमरे जब जर्जर हो गए तो शिक्षकों ने बरामदें में पढ़ाना शुरू कर दिया,लेकिन अब बरामदा भी जर्जर हो चुका है।क्षेत्र के मुखिया ने बताया कि-नए विद्यायल भवन को लेकर उन्होंने विधायक से लेकर सांसद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई गई है। शिक्षकों का मानना है कि-उनकी बच्चों को इस भवन में पढ़ाने की मजबूरी है।

MyNews36 App डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें

आस-पास के इलाके में कोई दूसरा स्कूल नहीं होने के कारण बच्चे मजबूरी में इसी स्कूल में आते हैं।स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर होने के कारण नियमित रूप से छात्र विद्यालय आते हैं,लेकिन बच्चों को हमेशा कोई हादसा होने का डर सताता रहता है।स्कूल में अध्यनरत बच्चों का कहना है कि-अगर उनके लिए दूसरे भवन की व्यवस्था हो जाती तो अच्छा होता,क्योंकि बरसात के दिनों में इस स्कूल में बैठकर पढ़ाई करना लगभग न के बराबर है।बरसात में पूरी स्कूल की छत से पानी टपकता रहता है।

देखें वीडियो

मामले को लेकर जब MyNews36 की टीम ने क्षेत्र का पड़ताल किया तो यह खबर को प्रमुखता से लेते हुए जब वहां के प्राचार्य-पी एल ठाकुर से शाला भवन के जर्जर होने की खबर पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि-इसे लेकर हम पिछले पांच सालों से इसकी शिकायत संकुल एवं विकासखंड के माध्यम से विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासन को कर चुके है,किन्तु वे अभी तक मौन है।बच्चों के भविष्य की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।इसीलिए हम बच्चे को जर्जर भवन में पढ़ाने को मज़बूर है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.