रायपुर- मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एवं अभिनव गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गोधन न्याय योजना की रूपरेखा, योजना के क्रियान्वयन सहित आय व्यय के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी शामिल हुए।

मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने कहा है कि राज्य शासन की गोधन न्याय योजना अपनी तरह की अभिनव योजना है। उन्होंने बताया कि योजना की शुरूआत हरेली त्यौहार के शुभ अवसर पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में गोधन के संरक्षण संवर्धन तथा जैविक खाद को बढ़ावा देने के लिए गोधन न्याय योजना का शुरूआत किया जा रहा है। इसके तहत पशुपालकों से गोबर खरीदा जाएगा। मुख्य सचिव ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास, वन विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को समन्वय और सहभागिता से एकजुट होकर कार्य करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी जिलो के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन मंडलाधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी, उप संचालक कृषि एवं पशुपालन को टीम भावना के साथ कार्य करने कहा है।

बैठक में गोबर के संग्रहण वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने गौठान समितियों एवं स्थानीय स्व सहायता समूहों की भूमिका एवं प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने अपने विचार रखे। बैठक में कृषि विभाग की सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने गोधन न्याय योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, नगरीय प्रशासन विकास विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी. सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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