bhupesh baghel

रायपुरमुख्यमंत्री भूपेश बघेल नए पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम को जिम्मेदारी सौंपते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 के बाद कांग्रेस के साथियों ने संघर्ष का रास्ता अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठों के राजनीतिक अनुभवों का लाभ मिला और राहुल गांधी ने रास्ता दिखाया। इस दौरान उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल को याद किया और उसका जिक्र करते हुए एक पल को उनकी आंखों में आंसू आ गए।

सचिव गिरीश देवांगन के बारे में बोलते-बोलते निकले आंसू

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में हो रहे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सचिव गिरीश देवांगन के बारे में बोलते-बोलते रो पड़े। उन्होंने कहा कि मोहन मरकाम मेरी हर पदयात्रा में साथ रहे। टीएस का साथ न मिलता तो इतनी बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाते। कहा कि घोषणा पत्र के कुछ वादे पूरे हुए हैं, कुछ पूरे किए जाएंगे। योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का काम मोहन मरकाम का है। मरकाम की अध्यक्षता में कांग्रेस पार्टी नगरीय निकाय चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

जिनमें अकेले चलने के हौंसले होते हैं, उनके पीछे काफिले चलते हैं

प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद मोहन मरकाम ने कहा, सीएम भूपेश बघेल का कार्यकाल याद आता है। भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की जुगलबंदी ही अलग थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चार्ज करने का काम किया था। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को कांग्रेस ने पहचाना है और उन्हें मौका मिला। जिनमें अकेले चलने के हौंसले होते हैं, उनके पीछे काफिले चलते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मेरे काम करने का तरीका अलग होगा। जो काम करता है उसकी पहचान होती है। कांग्रेस को अगले 15 साल तक कैसे सत्ता में रखना है इस पर काम करना है।

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