मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा एलान : छत्तीसगढ़ में पड़ोसी राज्यों के मुकाबले कम रहेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

रायपुर – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा एलान किया।उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पड़ोसी महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के मुकाबले में कम रखी जाएंगी। इसके लिए इन राज्यों की ओर से जारी किए जा रहे ऑर्डर का अध्ययन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हमें मीडिया के जरिए सिर्फ यह पता चला है कि पड़ोसी राज्यों में कीमतें कम हुई हैं। इन राज्यों में वैट कितना कम किया गया है और किस राज्य ने क्या आदेश जारी किया है, हम इसका अध्ययन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के आदेश देखने के बाद ही यहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय की जाएंगी।

पेट्रोल और डीजल में रिकॉर्ड तेजी आने के बाद तीन नवंबर को केंद्र सरकार ने इन दोनों ईंधनों पर से उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में कमी करने का एलान किया था। इसके तहत पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। इसके बाद राज्यों ने भी अपने स्तर पर वैट घटाया है।

राफेल सौदे को लेकर उठाए केंद्र की मंशा पर सवाल

इसके साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि सरकार इसे लेकर शांत क्यों है और इसकी जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन क्यों नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि राफेल सौदा अब एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।

बघेल ने कहा, ‘राहुल गांधी बार-बार राफेल सौदे का मामला उठाते रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने प्रमुखता से यह मुद्दा उठाया था। अब यह एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और चाहे फ्रांस हो या कोई अन्य देश, वहां की सरकारों ने इसे लेकर कार्रवाई की है। लेकिन, क्या कारण है कि भारत सरकार इस पर अभी भी चुप है?’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राहुल गांधी ने राफेल सौदे की जांच के लिए एक जेपीसी का गठन किए जाने की मांग की है। अगर इन लड़ाकू विमानों की खरीद में कोई अनियमितता नहीं हुई है तो केंद्र सरकार जेपीसी का गठन करने में झिझक क्यों रही है?’ उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि जनता की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग किया जा रहा है

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