मौसम का बदला मिज़ाज़, कहीं बारिश तो कहीं पड़े ओले, मौसम विभाग के अनुसार हल्की बारिश की संभावना

राजस्थान में रविवार को मौसम अचानक बदल गया। जयपुर और बारां में अचानक आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। जयपुर में कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। आलम ये था कि घरों की छतों पर बर्फ की चादर बिछ गई। उधर, बारां में सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश होती रही। शहर में कई जगहों पर पानी भर गया। उधर, झुंझनूं और सीकर जिले के भी कुछ हिस्सों में बारिश हुई है।

मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कोटा, बारां, भरतपुर, अलवर, झुंझनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, टोंक, धौलपुर तथा जयपुर जिलों में और पश्चिमी राजस्थान के हनुमानगढ़, चूरू, श्रीगंगानगर के लिए अलर्ट जारी किया है। यहां रविवार रात तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

जयपुर में दोपहर बाद शुरू हुई आंधी और बारिश

जयपुर में सुबह से ही मौसम पलट रहा था। दोपहर होते-होते घने बादल छा गए और आंधी चलने लगी। शहर के मानसरोवर, दुर्गापुरा, मालवीयनगर, सोडाला, सहकार मार्ग, बाइस गोदाम, सी स्कीम सिविल लाइंस में ओलों के साथ बरसात हुई। शहर में एमआई रोड और किशनपोल में लगे सजावटी दरवाजे गिर गए। इससे कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।

मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार के अलावा 20 नवंबर तक आसमान साफ और मौसम सूखा रहेगा।

बारां में 7 घंटे हुई बरसात

बारां में सुबह 5 बजे से दोपहर करीब 12 बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। अचानक हुई बारिश से मौसम में ठंड भी बढ़ गई। जानकारों का कहना है कि मावठ यानी हल्की बारिश फसलों के लिए अच्छी है। इस समय गेहूं, चने और सरसों की फसल के लिए मावठ अच्छी है, लेकिन ओलों से फसलों को नुकसान है।

अचानक मौसम क्यों बदला

मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि सर्दियों के सीजन में अक्सर पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा बनते हैं। इसमें उपरी वातावरण में जो पश्चिमी से पूर्व की ओर हवाएं चलती हैं उनमें डिस्टरबेंस होता है। यानी वह एंटीक्लॉक वाइज होती तो उससे एक ट्रफ बनता है और इसी कारण बारिश, ओलावृष्टि जैसी मौसमी गतिविधियां होती हैं। शर्मा ने बताया कि इस तरह के डिस्टरबेंस अक्सर सर्दियों के सीजन में 15—20 दिन में एक-दो बार होते हैं।

इसके बाद 18 नवंबर तक राज्य में कहीं भी बारिश के असार नहीं हैं तथा राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर में रविवार को हल्की बारिश के असार हैं। वहीं 20 नवंबर तक आसमान साफ रहने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि रविवार को आए इस पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ एक ही दिन रहेगा। कल यानी सोमवार को मौसम साफ रहेगा और उत्तरी ठंडी हवाएं चलेगी। इससे प्रदेश के कई शहरों का न्यूनतम तापमान 3—4 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है।

प्रदेश में बीती रात तापमान में 2 से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन बारिश के चलते रविवार को ठंड थोड़ी बढ़ गई है। सर्दी के मौसम में अचानक आई बरसात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से सर्दी-जुकाम के पेशेंट बढ़ेंगे।

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