अजय साहू,समता साहू और गिरवर साहू ने सर्विलांस सिस्टम को तैयार करने के लिए चार वर्ष किए मेहनत

CG Naxal Area

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य और उसकी सीमा से सटे अन्य राज्य नक्सलवाद से प्रभावित है,ऐसे में सुरक्षा के लिए तैनात सेट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के सामने सबसे बड़ी चुनौती नक्सलवादियों का सूचना तंत्र है।उनके सूचना तंत्र को ध्वस्त करने के लिए राजधानी के तीन युवाओं ने इंटरसेप्टर रेंज फाइंडर (सर्विलांस तकनीक) तैयार किया है।खास बात ये है कि-युवाओं के स्टार्टअप मेकर से तैयार सर्विलांस तकनीक का सीआरपीएफ बखूबी उपयोग कर रहा है।इस तकनीक से सीआरपीएफ के जवान जंगल में मौजूद मोबाइल और वायरलेस सेट को आसानी से ट्रैप कर नक्सली गतिविधियों को रोकने में सफल हो रहे हैं।

गौरतलब बात है कि-तीन युवाओं की टीम में अजय साहू,समता साहू और गिरवर साहू ने उक्त सर्विलांस सिस्टम को तैयार करने के लिए चार वर्ष मेहनत कर सफलता प्राप्त की।टीम के सदस्य अजय साहू बताते हैं कि इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद रोबोटिक्स में लगातार काम किया। इसी बीच इनक्यूवेटर एसीआइ 36 इंक के जरिए हमें सीआरपीएफ के अधिकारियों से मुलाकात हुई। उन्होंने नक्सलियों की गतिविधियों को रोकने में आ रही चुनौतियों की जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि जंगल में नक्सलियों की गतिविधियों को जांचने के लिए सर्विलांस सिस्टम को हाथों में लेकर घूमना होता है। ऐसे में न ही रेंज पकड़ में आती है न ही चारों दिशाओं में सर्विलांस सिस्टम काम कर पाता है।ऐसे में नक्सली अपनी गतिविधियों को अंजाम देकर निकल जाते हैं।

ऐसे दूर हुई चुनौती

टीम की सदस्य समता साहू ने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों को रोकने लिए हमनें नए तरह के इंटरसप्टर रेंट फाइंडर (सर्विलांस सिस्टम)तैयार किया।इसकी खासियत है कि ये सीआरपीएफ के कैंप से ही कार्य करता है।वहां लगे 32 फिट ऊंचे टावर में 360 डिग्री घूम कर आसानी से नक्सलियों के मोबाइल लोकेशन और वाइलेस सेट की जानकारी देता है। मौके पर पहुंच आसानी से सीआरपीएफ की टीम नक्सलियों के रणनीति को फेल कर देते हैं। इसका सफल प्रशिक्षण के बाद सीआरपीएफ झारखंड और छत्तीसगढ़ ने उपकरण का आर्डर दिया है।

ऐसे करता है काम

इंटरसेप्टर रेंज फाइंडर (सर्विलांस तकनीक) की खासियत है कि वो 360 डिग्री घड़ी की दिशा में और विपरीत दिशा में घूमता है।ऐसे में चारों ही दिशाओं में उपकरण की पैनी नजर होती है और नक्सलियों की गतिविधियों को रोकने में कारगर होता है।

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