केंद्र चावल उपार्जन को लेकर पूर्व में दी सहमति पर अमल करे -मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय खाद्य मंत्री गोयल से की मुलाकात

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल से नई दिल्ली के रेल भवन में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों के हित में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 40 लाख मैट्रिक टन उपार्जित किये जाने की अनुमति देने की मांग की है। श्री बघेल ने कहा है कि धान की खेती छत्तीसगढ़वासियों की आजीविका का प्रमुख साधन है।

प्रदेश में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत खाद्य विभाग भारत सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत की जाती है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से चावल उपार्जन पर पूर्व की 60 लाख मैट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति पर अमल करते हुये एफसीआई में 40 लाख मैट्रिक टन चावल खरीदी करने की मांग की।

मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल को बताया कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर 20.53 लाख किसानों से 92 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। श्री बघेल ने कहा है कि एमओयू की कंडिका 18 के तहत उपार्जित धान में से राज्य की पीडीएस की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल का स्टॉक भारतीय खाद्य निगम को प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं, अतः उक्त प्रावधानों के तहत भारत सरकार द्वारा राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त शेष समस्त सरप्लस धान का अनुपातिक चावल 40 लाख मैट्रिक टन को भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत लिया जाए।

बघेल ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए भारत सरकार की खाद्य सचिवों की बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए 60 लाख मैट्रिक टन चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है, किंतु खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 लाख मैट्रिक टन चावल (16 लाख मैट्रिक टन उसना एवं 8 लाख मैट्रिक टन अरवा) ही लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई है।

उन्होने कहा कि केंद्र सरकार अपने पूर्व की दी गई सहमति पर अमल करते हुये एफसीआई में 40 लाख मैट्रिक टन चावल की खरीदी करे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने पुराने जूट बारदाने में चावल उपार्जन की अनुमति, भारत सरकार द्वारा लंबित खाद्य सब्सिडी की प्रतिपूर्ति की मांग भी रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी और खाद्य विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह उपस्थित रहे।

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