केन्द्र ने कोविड मरीजों की बढती मांग से निपटने के लिए उद्योगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति पर लगाई रोक

केन्‍द्र ने इस महीने की 22 तारीख से विनिर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने इस बारे में सभी हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद यह तय किया कि मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगाना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि इस अस्थाई रोक से उपलब्ध होने वाली ऑक्सीजन का इस्‍तेमाल कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए मेडिकल ऑक्सीजन के रूप में किया जा सकेगा।

परन्तु, मंत्रालय ने कहा है कि यह रोक नौ उद्योगों पर लागू नहीं होगी। ये हैं – इंजेक्शन की शीशी विनिर्माण उद्योग, फार्मास्युटिकल, पेट्रोलियम रिफाइनरीज, स्टील प्लांट, परमाणु ऊर्जा केन्द्र, ऑक्सीजन सिलेण्डर विनिर्माता, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, खाद्य और जल शुद्धीकरण तथा प्रसंस्करण उद्योग। इन उद्योगों को भट्टियों के लिए ऑक्सीजन की आवश्यक्ता पड़ती है। अन्य उद्योगों से कहा गया है कि वे अपनी आंतरिक जरूरतों के लिए ऑक्सीजन बनाने के लिए उसके आयात या स्वयं की एयर सेपरेटर युनिटें लगाने जैसे वैकल्पिक उपायों पर विचार करें।

इस बीच, रेल मंत्रालय तरल मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेण्डरों की ढुलाई महत्वपूर्ण कॉरिडोरों के जरिए करने और ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रहा है। देशभर में ऑक्सीजन लाने-लेजाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बना रहा है ताकि ऑक्सीजन एक्सप्रेस रेलगाड़ियां तीव्र गति से संचालित की जा सकें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.