Budget 2K19

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुझावों की केंद्र सरकार के बजट में पूरी तरह से अनदेखी हुई है।मुख्यमंत्री का कहना है कि- उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण के सामने छत्तीसगढ़ के हितों को ध्यान में रखकर 11 सुझाव दिए थे।केंद्र सरकार के बजट में मुख्यमंत्री के एक भी सुझाव को जगह नहीं मिल पाई है। यहां कांग्रेस की सरकार है,इसलिए सत्तास्र्ढ़ दल इसे न केवल प्रदेश सरकार,बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता के साथ भेदभाव होना बता रहा है।

मुख्यमंत्री ने सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एकीकृत बाल विकास योजना व अन्य केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्र सरकार के अंश की राशि को बढ़ाने का सुझाव दिया था,ताकि योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो सके।केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्रांश तो नहीं बढ़ाया है,लेकिन 45 लाख तक के आवास लोन पर प्रदत्त ब्याज के लिए डेढ़ लाख तक अतिरिक्त कटौती की अनुमति का प्रस्ताव रखा है।अब 3.50 लाख तक ब्याज में कटौती होगी, लेकिन इससे राज्यांश कम नहीं होगा।

सौभाग्य योजना के मापदंड में 100 से अधिक जनसंख्या के प्रावधान को शिथिल कर 50 से अधिक जनसंख्या वाले मजरों-टोलों को निशुल्‍क बिजली कनेक्शन देने का सुझाव दिया था। अभी बजट में स्पष्ट रूप से कोई प्रावधान नहीं किया गया है, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री ने वादा किया है कि 2022 तक हर ग्रामीण परिवार को बिजली और स्वच्छ रसोई मिलेगी। 

बस्तर विकास के लिए नहीं मिली राशि

मुख्यमंत्री ने 4 हजार 433 करोड़ के बस्तर विकास योजना के लिए राशि मांगी थी।अभी तक केंद्र सरकार से बस्तर विकास के लिए 306 करोड़ रूपए मिले हैं,चार हजार 127 करोड़ रूपए अटके हुए हैं।

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वनवासियों को सम्मान निधि नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा था कि-छत्तीसगढ़ वनांचल है,जहां के लोग कृषि और वनोपज पर निर्भर हैं।वन अधिकार मान्यता अधिनियम के लाभांवित परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में शामिल कर प्रतिवर्ष छह हजार की जगह 12 हजार रूपए आर्थिक सहायता दी जाए,यह सुझाव भी नहीं माना गया।

अब धान की अधिक खरीदी बढ़ाएगी चिंता

प्रदेश सरकार 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है, इस कारण अब धान का रकबा और उत्पादन बढ़ाने की संभावना है। इस कारण मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोटे में लिए जाने वाले धान की मात्रा बढ़ाने की अपील की थी। अब केंद्र सरकार 24 लाख टन धान लेती है। 

सरकार की दो योजनाओं पर कोई प्रावधान नहीं

छत्तीसगढ़ सरकार की दो महत्वपूर्ण योजना नरवा,गरवा, घुरवा, बाड़ी और फूड फॉर ऑल के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद मांगी थी,बजट में उनके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी परिवारों को 35 किलो चावल देने के लिए दावा राशि का एकमुश्त भुगतान करने का अनुरोध किया था,जिसका भी बजट में जिक्र नहीं है।नरवा, गरवा, घुरवा,बाड़ी योजना के लिए मुख्यमंत्री ने मनरेगा,राष्ट्रीय कृषि विकास,राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना की अनुदान राशि बढ़ाने की मांग की थी,इसे भी पूरा नहीं किया।

सड़क निर्माण में पहला स्थान,अब संधारण की मुश्किलें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रोड निर्माण में छत्तीसगढ़ को देश में पहला स्थान मिला है,लेकिन अब 

इंटरनेशनल कार्गो का सुझाव भी धरा रह गया

मुख्यमंत्री ने रायपुर एयरपोर्ट पर इंटरनेशन कार्गो टर्मिनल शुरू कराने की अनुमति मांगी थी।उन्होंने औद्योगिक गतिविधियों के लिए अंतरर्देशीय परिवहन के लिए अनुदान भी मांगा था। दोनों मांगें पूरी नहीं हुई।

नहीं मिला विवि अनुदान आयोग का कार्यालय

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय अमरकंट के कैम्पस को बस्तर में शुरू करने और रायपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का प्रादेशिक कार्यालय शुरू कराने की अपील की थी। यह भी नहीं मिला। 

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