Ramcharitmanas

पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर विवाद छिड़ा हुआ है।कथित रूप से जय श्री राम का नारा लगाने से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज हो गईं थीं।नारा लगाने पर कुछ लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया था।इसी बीच भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भगवान राम के जीवन का परिचय कराने वाले एक धर्मग्रंथ ‘रामचरितमानस’ की प्रति भेजी है।यह अनुवाद सहित है।

उपाध्याय ने कहा है कि-वे इसका अध्ययन करें, समझें और इसकी शिक्षाओं को ग्रहण करें।लेकिन अगर कुछ समझ न आये तो वे उन्हें फोन करें।पेशे से एक वकील दिल्ली भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने अमर उजाला से कहा कि-भगवान राम भारत के प्राण हैं।उन्हें समझे बिना न तो भारतीयता समझी जा सकती है,और न ही भारतीय जनमानस को समझा जा सकता है,इसीलिए उन्होंने ममता बनर्जी को रामचरितमानस की प्रति भेजी है जिससे वे राम को समझ सकें। इससे वे शिक्षा ग्रहण करें और जनता के साथ मधुरता से पेश आयें।

कुछ अन्य लोगों ने भी ममता बनर्जी को ‘जय श्री राम’ लिखे पोस्ट कार्ड भेजने की शुरुआत की थी।दावा किया गया था कि-ममता बनर्जी को ‘जय श्री राम’ का महत्त्व समझाने के लिए पूरे देश से दस लाख जय श्री राम लिखे पोस्ट कार्ड भेजे जायेंगे।

दरअसल,शुक्रवार को ममता बनर्जी का एक विडियो वायरल हुआ था जिसमें भीड़ के कुछ लोगों के द्वारा जय श्री राम का नारा लगाने पर वे नाराज होती दिखाई पड़ी थीं। बाद में यह विवाद काफी बढ़ गया था और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। हालांकि, बाद में हिरासत में लिए गये युवकों को छोड़ दिया गया था।

ममता बनर्जी ने दावा किया था कि वे किसी धर्म-सम्प्रदाय के विरोध में नहीं हैं।लेकिन कुछ लोग ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर बंगाल का वातावरण खराब करना चाहते हैं। ममता का दावा था कि इस तरह की ‘हरकत’ करने वाले लोग बंगाल के स्थानीय नहीं हैं और बाहर से इन्हें केवल माहौल को खराब करने के लिए भेजा गया है।

Summary
0 %
User Rating 5 ( 1 votes)
Load More Related Articles
Load More By MyNews36
Load More In बड़ी ख़बर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Temple:दुनिया का सबसे अमीर मंदिर लेकिन भगवान सबसे गरीब,नहीं चुका पाए कर्ज

भारत मंदिरों का देश है।यहां पर जितने मंदिर उतने ही उनमें रहस्य और अलग-अलग मान्यताएं छिपी ह…