Mynews36
!! NEWS THATS MATTER !!

Big News : किचन पर छाया दूसरा खतरा,प्याज के बाद,इसके भी बढ़े दाम

Big News,Big News

Big News

नई दिल्ली- प्याज के बाद अब देश में खाने के तेल (Edible oil expensive) की महंगाई बढ़ने लगी है। सोयाबीन उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश और बाढ़ से फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसीलिए देश में सोयाबीन और सरसों समेत तमाम तेल और तिलहनों के दामों में तेजी का रुख बना हुआ है। अंग्रेजी के बिजनेस अखबार फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, सोयाबीन तेल (Soybean Oil) की कीमतें बढ़ने से भारत में कई खाने-पीने वाली डिशेज भी महंगी हो सकती है। देश में बढ़ती डिमांड के चलते भारत ने सोयाबीन तेल का इंपोर्ट 100 गुना तक बढ़ा दिया है। वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2016-17 तक देश में कुल 10-70 लाख रुपये का सोयाबीन तेल भारत में इंपोर्ट किया गया था।वहीं, वित्त वर्ष 2017-18 में यह बढ़कर 1.67 करोड़ रुपये हो गया था।साथ ही, मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक 167 करोड़ रुपये का सोयाबीन तेल इंपोर्ट किया जा चुका है।

आपको बता दें कि भारत खाद्य तेल (Edible oil expensive) का दुनिया में प्रमुख आयातक है। पिछले सीजन 2018-19 (नवंबर-अक्टूबर) में भारत ने 155 लाख टन से ज्यादा वनस्पति तेल का आयात किया, जिसमें खाद्य तेल का कुल आयात 2018-19 में 149.13 लाख टन था और देश में सबसे ज्यादा आयात पाम तेल का होता है, ऐसे में आने वाले दिनों में पाम तेल के दाम बढ़ने से देश मे उपभोक्ताओं को और महंगा खाद्य तेल मिलेगा।

ये भी पढ़ें- मोदी सरकार किसानों के खाते में ट्रांसफर करेगी 50 हजार करोड़ रुपये! आप भी उठा सकते हैं इसका फायदा

क्यों महंगा हुआ खाने का तेल-

बीते दो महीने में क्रूड पाम ऑयल के दाम में 26 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है।वहीं, सरसों की कीमतों में 300 रुपये कुंटल की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि सोयाबीन का दाम करीब 400 रुपये प्रति कुंटल बढ़ा है। कारोबारियों का कहना है कि देश में मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश के कारण खरीफ तिलहन फसल, खासतौर पर सोयाबीन के खराब होने और चालू रबी सीजन में तिलहनों की बुवाई सुस्त होने की वजह से घरेलू बाजार में तेल और तिलहनों के दाम बढ़ गए है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Consumer Affairs Minister Ram Vilas Paswan) ने राज्यसभा को बताया कि घरेलू उत्पादन इतना नहीं हो रहा है कि डिमांड को पूरा किया जा सके। इसीलिए सरकार खाद्य तेल का आयात कर रही है।

उत्पादन में आई गिरावट- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) के अनुसार मौजूदा फसल सीजन 2019-20 में सोयाबीन का उत्पादन घटकर 89.84 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 109.33 लाख टन का उत्पादन हुआ था। नई फसल की आवक के समय उत्पादक राज्यों में 1.70 लाख टन सोयाबीन का बकाया स्टॉक बचा हुआ था, अत: चालू सीजन में कुल उपलब्धता 91.54 लाख टन की बैठेगी।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की मंडियों में सोयाबीन के भाव 4,000 से 4,050 रुपये और प्लांट डिलीवरी भाव 4,150 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं।

सोया रिफाइंड तेल में मांग अच्छी बनी हुई है लेकिन डीओसी में निर्यात पड़ते नहीं लग रहे है। सोया डीओसी के भाव 33,000 से 33,500 रुपये प्रति टन हैं।

सोपा के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में उत्पादक मंडियों में 30.50 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई है जबकि पिछले साल इस दौरान 41 लाख टन की आवक हुई थी।

सोया डीओसी का उत्पादक अक्टूबर-नवंबर में 11.74 लाख टन का हुआ है, जबकि इस दौरान निर्यात केवल 1.13 लाख टन का ही हुआ है।

पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में 4.57 लाख टन सोया डीओसी का निर्यात हुआ था। कृषि मंत्रालय के पहले आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू फसल सीजन 2019-20 में सोयाबीन का 135.05 लाख टन होने का है, जबकि पिछले साल 137.86 लाख टन का उत्पादन हुआ था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

MyNews36 के सभी प्रिय पाठकों से हमारा निवेदन है-

1) हाथ धोइए क्योंकि इसी से होगा बचाव 2)आंख, नाक और मुंह में हाथ लगाने से बचें 3) लिफ्ट का बटन और दरवाजों का हैंडल न पकड़ें 4)पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते वक्त बरतें सावधानी 5)दूसरों से हाथ मिलाने से बचें 6)भीड़भाड़ वाली जगह जैसे- मॉल या सिनेमा जाने से बचें 7)सोशल गैदरिंग और शादी-पार्टी में जाने से बचें प्रिय पाठक अपनी सुरक्षा आप स्वयं रख सकते है,स्वच्छ रहे,स्वस्थ्य रहे,सुरक्षित रहे। www.MyNews36.com द्वारा जनहित में जारी

COVID-19 Updates in INDIA

Total cases- 1029

Death- 24

Recovered-85

Chhattisgarh Total cases - 7

More COVID-19 Advice
Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.