देश में बड़ा अभियान : देश के सभी राज्यों में दो जनवरी से कोरोना वैक्सीन का ड्राय रन

Coronavirus Vaccine

रायपुर- कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर गुरुवार को एक अच्छी खबर आई है। चार राज्यों में कोरोना वायरस टीकाकरण का ड्राय रन करने के बाद अब केंद्र सरकार देशभर में इसी तरह के अभ्यास आयोजित करने की योजना बना रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वैक्सीन को उपयोग के लिए मंजूरी मिलने के बाद मेगा ड्राइव को आसानी से किया जा सके।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। अधिकारी ने कहा, ‘हम हर राज्य में कम से कम दो साइटें देख रहे हैं, जहां पर्याप्त लाभार्थियों को नामांकित किया जा सकता है।’ इस बैठक के बाद मंत्रालय ने दो जनवरी से भारत में वैक्सीन का ड्राय रन किए जाने का फैसला लिया है। 

इससे पहले दो दिन 29 और 29 दिसंबर को देश के चार राज्यों में ड्राय रन किया जा चुका है। पंजाब, असम, गुजरात और आंध्र प्रदेश में ड्राय रन किया गया था। चारों राज्यों में इसके अच्छे परिणाम सामने आए थे जिसके बाद सरकार ने अब पूरे देश में ड्राय रन को लागू करने का फैसला किया है।

यह अभ्यास कोविड-19 टीकाकरण प्रक्रिया के परीक्षण के उद्देश्य से किया गया था और इसमें परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार योजना और तैयारी शामिल थी। इसमें कोविन एप्लिकेशन का उपयोग, हेल्थकेयर वर्कर्स का डाटा अपलोड, टीके की रसीद और टीका आवंटन, टीकाकरण टीमों की तैनाती और सेशन साइटों पर लॉजिस्टिक्स जुटाना शामिल था। 

क्या होता है ड्राय रन

स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, ड्राय रन में राज्यों को अपने किन्हीं दो शहरों को चिन्हित करना होता है। इन शहरों में वैक्सीन के शहर में पहुंचने, अस्पताल तक जाने, लोगों को बुलाने, फिर डोज देने की पूरी प्रक्रिया का पालन इस तरह किया जाता है जैसे टीकाकरण कार्यक्रम हो रहा हो। साथ ही सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए जिस कोविन मोबाइल एप को बनाया है, उसका भी ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान जिन लोगों को वैक्सीन दी जानी है उन्हें एसएमएस भेजा जाता है। इसके बाद अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण का कार्य करेंगे।

पंजाब सहित चार राज्यों में हुआ वैक्सीन का ड्राय रन

पंजाब सहित चार राज्यों में कोविड वैक्सीन का ड्राय रन किया गया। पंजाब, आंध्र प्रदेश, असम और गुजरात में यह ट्रायल किया गया। इन राज्यों में टीकाकरण से जुड़ी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस दौरान कोल्ड चेन से लेकर लोगों के पंजीयन और टीका बूथ पर डोज देने के अलावा चिकित्सीय निगरानी किस तरह से की जाएगी, इसका पूरा अभ्यास किया गया।

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