देश में डिस्को म्यूजिक के लिए लोगों को दीवाना बनाने वाले मशहूर संगीतकार बप्पी लाहिड़ी का निधन हो गया है। वह 69 साल के थे। बप्पी लाहिड़ी पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज मुंबई के क्रिटी केयर अस्पताल में चल रहा था। बप्पी दा अपनी आवाज के अलावा भारी भरकम सोने के गहने पहनने के कारण भी अपनी अलग पहचान रखते थे। वह अपने हाथों और अंगुलियों में भी अंगूठी व कड़े पहने रखते थे। आपको लगता होगा कि बप्पी दा ये सब शौक से पहनते थे तो ऐसा नहीं है।

एल्विस प्रेसली से ली प्रेरणा

बप्पी लाहिड़ी अमेरिकन रॉक स्टार एल्विस प्रेसली के बड़े फैन थे। एल्विस अपनी परफॉर्मेंस के दौरान हमेशा सोने की चैन पहना करते थे। एल्विस को देखकर बप्पी दा ने भी सोचा कि जब वो कामयाब हो जाएंगे तो अपनी एक अलग पहचानबनाएंगे। कामयाब होकर बप्पी दा ने सोना पहना, जिससे उन्हें इंडिया का गोल्ड मैन तक कहा जाने लगा। इसी के साथ सिंगर ने बताया कि वो सोने को अपने लिए लक्की मानते हैं।

बप्पी लाहिड़ी

70 और 80 के दशक में छाए रहे

बप्पी के डिस्को सॉन्ग बेहद पसंद किए जाते हैं। वह फिल्म इंडस्ट्री में दो तरह का म्यूजिक कंपोज करने के लिए मशहूर रहे। उन्होंने अपने करियर में कई हिट सॉन्ग गाए हैं। साथ ही कई रिएलिटी शो बतौर जज भी किए। बप्पी लाहिड़ी ने 70 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और 80 के दशक में वे छाए रहे।

कितना सोना था बप्पी दा के पास

2014 में बप्पी लाहिड़ी के पास 754 ग्राम सोना था और 4.62 किलो चांदी और 4 लाख रुपए के हीरे थे। हालांकि अब उनकी इस संपत्ति में बदलाव हो गया होगा। बप्पी दा की ही तरह उनकी पत्नी चित्रानी लाहिड़ी भी सोने और डायमंड की शौकीन हैं।

bappi lahiri

बप्पी ने 3 साल की उम्र में सीखा तबला बजाना

उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती जैसे फिल्मी स्टार्स के करियर को लॉन्च किया। बप्पी लाहिड़ी का बचपन से म्यूजिक की ओर रूझान रहा। उन्होंने 3 साल की उम्र में ही तबला बजाना सीख लिया था। बप्पी दा के गाए गीत ‘बंबई से आया मेरा दोस्त, आई एम ए डिस्को डांसर, जूबी-जूबी, याद आ रहा है तेरा प्यार, यार बिना चैन कहां रे, तम्मा तम्मा लोगे, आज भी लोगों की जुबां पर चढ़े रहते हैं।

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