राज्यसभा में आजाद की विदाई: इस घटना को याद करके छलक गईं पीएम मोदी की आंखें

नई दिल्ली – देशहित में अक्सर कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई घटनाओं का जिक्र करते हुए भावुक भी नजर आए हैं। आज राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की विदाई हो रही है, इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुलाम नबी आजाद की सराहना करते हुए एक दर्दनाक घटना का जिक्र किया, जिसे बताते हुए उनकी आंखें डबडबा गईं। आइए बताते हैं कि गुलाम नबी आजाद से जुड़ी वो कौन सी घटना थी, जिसका जिक्र करते हुए संसद में रो पड़े प्रधानमंत्री मोदी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा,  ”गुलाम नबी आजाद जब मुख्यमंत्री थे, तब मैं भी एक राज्य (गुजरात) का मुख्यमंत्री था। हमारी बहुत गहरी निकटता रही है। एक बार गुजरात के कुछ यात्रियों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया, आठ लोग उसमें मारे गए। उस वक्त सबसे पहले गुलाम नबी जी का मुझे फोन आया और वो फोन सिर्फ सूचना देने का नहीं था, उनके आंसू रुक नहीं रहे थे।

गुलाम नबी जी लगातार इस घटना की निगरानी कर रहे थे। वे उन्हें लेकर इस तरह से चिंतित थे जैसे वे उनके परिवार के सदस्य हों। उस समय प्रणब मुखर्जी जी रक्षा मंत्री थे। मैंने उनसे कहा कि अगर मृतकों के शव लाने के लिए सेना का हवाई जहाज मिल जाए, तो उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए मैं करता हूं व्यवस्था। वहीं गुलाम नबी जी उस रात को एयरपोर्ट पर थे। मैं  गुलाम नबी आजाद के प्रयासों और प्रणब मुखर्जी के प्रयासों को कभी नहीं भूलूंगा।”

राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद के बारे में ये बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी खुद रो पड़े। वहीं इस दौरान गुलाम नबी आजाद भी भावुक नजर आए।
 

वो घटना, जिसका पीएम ने किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी  राज्यसभा में जिस घटना का जिक्र करते हुए भावुक हुए, वह दर्दनाक घटना 30 जुलाई, 2007 को हुई थी। उस वक्त कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद जम्मू—कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। आतंकवादियों ने श्रीनगर के बाहरी इलाके में गुजरात के यात्रियों की एक बस पर ग्रेनेड हमला किया था। बस पर ग्रेनेड उस वक्त फेंका गया था, जब वो मुगल गार्डन की तरफ जा रही थी। इस हमले में कुछ लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी और कुछ ने बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसी घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वो हादसा बेहद दर्दनाक था, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी।

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