बिना किसी भी शुल्क के च्वाइस सेंटर में मुफ्त में बनेगा आयुष्मान कार्ड

आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कार्ड अस्पतालों में निश्शुल्क बनाया जा रहा है। च्वाइस सेंटरों में मिलने वाले सुविधा में राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज देने पर पीवीसी (पोलिविनाइल क्लोराइड) आयुष्मान कार्ड बनाकर दिए जाएगा। छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों में एक साथ योजना के तहत सेवाएं शुरू। इसके तहत पीवीसी प्रिंट किया हुआ कार्ड दिया जाएगा। किसी भी च्वाइस सेंटर में निःशुल्क बनेगा आयुष्मान कार्ड, योजना एक मार्च से लागू राज्य के किसी भी च्वाइस सेंटर से अब निश्शुल्क आयुष्मान भारत योजना का कार्ड बना सकेगा। योजना एक मार्च, 2021 से लागू कर दी गई है। आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कार्ड अस्पतालों में निःशुल्क बनाया जा रहा है।

च्वाइस सेंटरों में मिलने वाले सुविधा में राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज देने पर पीवीसी आयुष्मान कार्ड बनाकर दिए जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इसके लिए नेशनल हेल्थ आथॉरिटी और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा पर उत्तरप्रदेश, हरियाणा, त्रिपुरा, नागालैंड, चंडीगढ़, पुडूचेरी, बिहार, मणिपुर और मध्यप्रदेश में योजना लागू की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत के हितग्राहियों को पहले पेपर आधारित कार्ड दिया जाएगा। इसके बाद एक पीवीसी प्रिंट किया हुआ कार्ड दिया जाएगा।

पीवीसी आयुष्मान कार्ड किसी भी कामन सर्विस सेंटर से प्राप्त किया जा सकेगा। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने व इलाज आदि के लिए आयुष्मान कार्ड आवश्यक रूप से हो ऐसा नहीं है, बल्कि यह हितग्राहियों को चि-त करने की प्रक्रिया है। साथ ही इसकी मदद से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में होने वाली गड़बड़ियों व धोखेबाजी को रोकना है।

पांच लाख रुपये तक इलाज की है व्यवस्था

आयुष्मान भारत योजना में बीपीएल राशन कार्ड के हितग्राहियों को पांच लाख रुपये तक इलाज की निश्शुल्क सुविधाएं दी जा रही हैं। वहीं, एपीएल राशन कार्ड के हितग्राहियों को 50 हजार रूपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। दल्लीराजहरा में सभी भी च्वाइस सेंटर में जाकर आयुष्मान भारत, डॉक्टर खूबचंद बघेल स्वास्थ्य बीमा योजना का पीवीसी कार्ड बनाया जा सकेगा। इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। योजना एक मार्च से लागू हैं। अस्पतालों में संचालित की जा रही सेवाएं यथावत ही रहेंगी।

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