Amul milk

गुजरात।अमूल ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं।कंपनी ने दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है।नई कीमतें मंगलवार 21 मई से लागू होंगी।

इस वजह से बड़े दाम

पशुओं को खिलाया जाने वाला चारा भी काफी महंगा हो गया है।किसानों ने अपने पशुओं को चारा खिलाना कम कर दिया है।अमूल ब्रांड से दूध बेचने वाली कंपनी गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के प्रबंध निदेशक आर एस सोधी ने बताया कि इसकी वजह से भी दूध का उत्पादन कम हो गया है।हालांकि गर्मियों में पशु वैसे भी दूध देना कम कर देते हैं।ऐसे में अप्रैल से लेकर के जुलाई तक दूध का उत्पादन वैसे भी काफी कम हो जाता है।

रसोई पर पड़ेगा असर

ऐसे में आपकी रसोई पर इसका असर देखने को मिलेगा।सब्जियों से लेकर के दूध के दामों पर इसका असर देखने को मिलेगा।वहीं कच्चे तेल की कीमतों में अगर वृद्धि होती है तो फिर पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।

नई सरकार के लिए होगी मुसीबत

महंगाई को काबू में रखना नई सरकार के लिए सबसे कठिन कार्य होगा।देश के पश्चिम और दक्षिण के राज्य भीषण सूखे की चपेट में हैं।वहीं उत्तर भारत में भी गर्मी का प्रकोप जारी है।फिलहाल कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिनकी कीमतों में पिछले साल की तुलना में अभी भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

इनके चढ़े दाम

देश भर में ज्वार,बाजरा,कपास,टमाटर,प्याज की कीमतों में इजाफा हो गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक यह इसलिए होगा क्योंकि स्किम दूध के उत्पादन में कमी हो गई है। वहीं गर्मी के मौसम में दूध की सप्लाई भी काफी कम हो जाती है।

2017 में बढ़े थे दाम

क्रिसिल के मुताबिक दूध बेचने वाली कंपनियां दाम में एक से दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर सकती हैं।इससे पहले दूध के दाम 2017 में बढ़े थे।हालांकि देश में दो प्रमुख दूध कंपनियां अमूल और मदर डेयरी ने इस बारे में किसी तरह की घोषणा नहीं की है।

इन पर पड़ेगा असर

दूध के दामों में इजाफा होने से घी,पनीर,मक्खन,चीज़,लस्सी और छाछ के अलावा चाय,कॉफी,मिठाई,चॉकलेट आदि की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।दूध के दाम बढ़ने का असर आम आदमी की रसोई पर देखने को मिलेगा,क्योंकि इसकी खपत प्रत्येक परिवार में रोजाना होती है।

यह कंपनियां बेचती हैं दूध

राज्यों में मौजूद दुग्ध संघों के अलावा देश में क्वालिटी,नेस्ले,ब्रिटानिया,नमस्ते इंडिया,पतंजलि,आनंदा जैसी निजी क्षेत्र में कई कंपनियां मौजूद हैं, जो दूध और इससे बने उत्पादों को बेचने का काम करती हैं।

इस वजह से बढ़े दाम

फिलहाल दूध की मांग करीब इस साल सात फीसदी तक बढ़ सकती है।लेकिन अभी आपूर्ति तीन से चार फीसदी कम है।कीमतों में बढ़ोतरी होने से डेयरी सेक्टर को परिचालन मुनाफे में 30-40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा देखने को मिलेगा।

किसानों का खर्चा बढ़ा

किसानों का भी गाय,भैंस पालने पर होने वाला खर्चा काफी बढ़ गया है।ऐसे में अब ज्यादातर किसान इनको पालने में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जिस कीमत पर वो दूध कंपनियों को बेचते हैं, उससे उनका खर्चा भी नहीं निकलता है।

कई कंपनियां काफी कड़े मानकों का पालन करती हैं,जिसके चलते दूध खरीदने से पहले उसका सैंपल भी फेल हो जाता है।ऐसे में उन्हें उस दूध को खुले बाजार में बेचने के बजाए फेंकना पड़ता है।

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