कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 37,724 नए मामले सामने आए हैं और 648 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगभग 12 लाख पहुंच गई है और मरने वालों का आंकड़ा 28,732 तक पहुंच गया है। सरकारी एजेंसियों ने भारत में कोरोना वायरस के कम्यूनिटी स्प्रेड के संकेत दिए हैं। ऐसे में इस वायरस से बचाव के लिए आपको इसके लक्षणों के बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। आमतौर पर लोगों के बीच कोरोना वायरस के 3-4 लक्षण ही पॉपुलर हैं, जैसे- बुखार, सूखी खांसी, जुकाम आदि। लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार कोरोना वायरस एक नहीं, बल्कि कई प्रकार के पाए गए हैं। इसी आधार पर इनके लक्षण भी लोगों में अलग-अलग तरह से पाए गए हैं। ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने डाटा के विश्लेषण के आधार पर लक्षणों को ध्यान में रखते हुए 6 अलग-अलग प्रकार के कोरोना वायरस का पता लगाया है।लंदन के किंग्स कॉलेज की टीम ने इन 6 प्रकार के कोरोना वायरस के बारे में यह भी बताया है कि कौन से लक्षणों वाला वायरस ज्यादा खतरनाक है और कौन सा कम खतरनाक है।

टाइप 1 कोरोना वायरस- फ्लू जैसे लक्षण लेकिन बुखार नहीं: कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद बहुत सारे मरीज ऐसे सामने आ रहे हैं, जिसमें फ्लू जैसे लक्षण- सिरदर्द, सूंघने की शक्ति कम होना, मांसपेशियों में दर्द, खांसी, गले में खराश, सीने में दर्द आदि तो नजर आ रहे हैं, लेकिन व्यक्ति को बुखार नहीं आता है।

टाइप 2 कोरोना वायरस- फ्लू जैसे लक्षण बुखार के साथ: कोरोना वायरस के ज्यादातर सिम्पटोमैटिक मरीजों में फ्लू के सभी लक्षण नजर आते हैं, जैसे- सिरदर्द, सूंघने की शक्ति का घटना, खांसी, भूख न लगना, गले में दर्द और चुभन के साथ बुखार आता है।

टाइप 3 कोरोना वायरस- गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट की समस्या वाला कोरोना): मरीजों का एक समूह ऐसा भी है, जिसमें कोरोना वायरस का अटैक फेफड़ों के बजाय पेट में दिखाई देता है। ऐसे मरीजों में जो मुख्य लक्षण उभरकर आते हैं, वो हैं- सिरदर्द, भूख न लगना, डायरिया (पेचिश और उल्टी), गले में खराश, सीने में दर्द आदि। संभव है ऐसे मरीज को बुखार और खांसी की समस्या न हो।

टाइप 4 कोरोना वायरस- थकान है मुख्य लक्षण: कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद सिरदर्द, सूंघने की शक्ति का कम होना, खांसी, बुखार, आवाज का भरभराना, सीने में दर्द के साथ अगर बहुत ज्यादा थकान रहने लगे, तो समझे मरीज सी स्थिति सीरियस हो रही है। ऐसे मरीज को हॉस्पिटल पहुंचाना और उसके शरीर की ऑक्सीजन का लेवल चेक करते रहना जरूरी है।

टाइप 5 कोरोना वायरस- कंफ्यूजन है मुख्य लक्षण: ये कोरोना वायरस टाइप 4 से भी गंभीर स्थिति है, इसलिए ऐसे मरीज को भी समय रहते नजदीक के अस्पताल में पहुंचाना जरूरी है। इस प्रकार के वायरस की चपेट में आने पर मरीज में ये लक्षण दिख सकते हैं- सिरदर्द, सूंघने की शक्ति में कमी, भूख न लगना, गले में खराश, आवाज का भरभराना, बुखार, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, सीने में दर्द, थकान के साथ-साथ कंफ्यूजन की स्थिति। यानी ऐसा मरीज अजीब बातें करने लगे या अजीब व्यवहार करने लगे, तो उसे तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाएं।

टाइप 6 कोरोना वायरस- सांस और पेट की तकलीफ है मुख्य लक्षण: इस तरह मरीज गंभीरता के आधार पर सबसे संवेदनशील माने जा सकते हैं, जिन्हें बिना देरी किए नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचाया जाना बहुत जरूरी है। इस तरह के मरीजों में लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं- सिरदर्द, सूंघने की शक्ति कम हो जाना, भूख न लगना, स्वाद न मिलना, खांसी, बुखार, आवाज में भरभराहट, सीने में दर्द, गले में खराश, कंफ्यूजन, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, डायरिया, पेट में दर्द आदि।

आमतौर पर कोरोना वायरस की चपेट में आने के 5वें दिन से ये लक्षण उभरने लगते हैं। इसलिए इन लक्षणों के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मरीज के परिजनों को ये समझने में मदद मिल सकती है कि उसे कब होम आइसोलेशन में रखना है, अस्पताल में भर्ती करना है, ऑक्सीजन देना है या वेंटिलेटर पर रखना है।

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