रायपुर MyNews36 – कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय एवं कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय और के बीच में अकादमिक समझौता हुआ है। इस अकादमिक समझौता में डिजिटल विश्वविद्यालय के कुलसचिव कौशल किशोर अग्रवाल और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आनंद शंकर बहादुर ने हस्ताक्षर किए।इस अकादमिक समझौते से दोनों विश्वविद्यालयों के युवाओं में आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिलेगा।इस समझौते में यह निर्धारित किया गया है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय डिजिटल विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों व विभिन्न कार्यक्रमों के संबंध में छात्रों व प्रतिभागियों के बीच सूचना प्रसारित करेगा। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद दोनों विश्वविद्यालयों द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र जारी दिया जाएगा। इस समझौते में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय परिसर में ऑनलाइन भागीदारी के साथ सार्वजनिक वार्ता, प्रस्तुतियों, व्याख्यान, प्रशिक्षण सत्र, शोध कार्य और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस समझौते के अनुसार विश्वविद्यालय अपने विभागों और संबद्ध कॉलेजों एवं संस्थानों के लाभार्थी छात्रों,विद्वानों के साथ सीधे तौर पर जुड़ेंगे।इस समझौते के अवसर पर डिजीटल विश्वविद्यालय और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि निश्चित ही इस शैक्षणिक समझौते से अकादमिक और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। इस दृष्टि से डिजिटल विश्वविद्यालय और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के बीच हुआ यह अकादमिक समझौता देश के युवाओं की स्किल को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। यह अकादमिक समझौता नवाचार के साथ युवाओं एवं विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए संकल्पित है।

क्या है कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का पहला व देश का दूसरा पत्रकारिता विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय की नींव सन् 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने रखी थी। यहां पत्रकारिता से संबंधित पाठ्यक्रम एमजे, एमएससी इलेक्ट्रानिक मीडिया, एमए एपीआर एवं एमए, एमसी सहित डिप्लोमा कोर्स संचालित है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा हैं। यह ‘मीडिया गुरुकुलʼ संबंधित विषयों में विद्यार्थियों की प्रवीणता तथा उनके मानसिक, शारीरिक व सामाजिक उन्नयन के लिए समर्पित है। इस विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी पत्रकारिता व मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में आज की आवश्यकताओं के अनुरूप अच्छे अध्येता निर्माण करना तो है ही, साथ ही युवाओं में संस्कार आधारित शिक्षा के माध्यम से मानवीय संवेदना व सामाजिक सरोकारों को भी स्थापित करना है।

क्या है कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय

यह एक आभासी मेटा विश्वविद्यालय है जो गैर सरकारी संगठन- व्यवहारिक विकास एवं शोध संस्था की एक इकाई है।
यह वर्ष 2002-03 में संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है।कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय ऑनलाइन माध्यम से संचालित एक आभासी मेटा विश्वविद्यालय है, जो युवाओं में व्यावसायिक कौशल विकसित करने, व्यावसायिक उद्यमी नागरिकों में व्याप्त कौशल को अद्यतन करने तथा भारतीय ज्ञान पद्धति, जीवन मूल्य और कौशल विकास को केंद्रीभूत करने के लिए संकल्पित है। कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय शैक्षिक तकनीक को आत्मसात करके मानव जीवन व्यवहार के सभी प्रमुख आयामों पर केंद्रित व्यावहारिक- व्यावसायिक शिक्षण प्रशिक्षण को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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