Irrfan Khan
Irrfan Khan

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान (Irrfan Khan) को दुनिया से अलविदा कहे एक महीना हो गया है।इरफान ने 29 अप्रैल को आखिरी सांस ली थक्ष। उनका परिवार उन्हें हर रोज याद करता है।इरफान खान (Irrfan Khan) की पत्नी सुतापा सिकदर ने एक बार फिर उन्हें याद करते हुए इमोशनल पोस्ट लिखा है।

सुतापा सिकदर ने इरफान खान की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,’यहां से बहुत दूर हर सही और गलत के आगे एक खाली मैदान है।मैं वहां मिलूंगी तुम्हें।जब हमारी आत्मा घास पर चैन से लेटेगी और दुनिया बातें करके थक चुकी होगी।ये बस कुछ ही समय की बात है।मिलेंगे बातें करेंगे।तुमसे दोबारा मिलने तक।’

सोशल मीडिया पर इरफान के लिए लिखा सुतापा सिकदर का यह भावुक पोस्ट वायरल हो रहा है।बता दें कि साल 2018 में इरफान खान को पता चला था कि वह न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से पीड़ित हैं।इस बीमारी के इलाज के लिए इरफान खान लंदन भी गए थे और करीब साल भर इलाज कराने के बाद वह वापस भारत लौटे थे।ज़िसके बाद बिमारी से लड़ते-लड़ते 29 अप्रैल को अंतिम साँस ली।

अन्य खबर

सावधान : Mitron App जिसे आप समझ रहे हैं मेड इन इंडिया,वह है मेड इन पाकिस्तान

Mitron App

टिकटॉक के खिलाफ भारत में बवाल काफी पहले से चल रहा है लेकिन हाल ही में टिकटॉक और यूट्यूब के बीच हुई लड़ाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल-वोकल वाले बयान के बाद लोगों ने टिकटॉक एप को डिलीट करना शुरू कर दिया।लोगों के प्ले-स्टोर पर निगेटिव रिव्यू देकर टिकटॉक की रेटिंग गिरा दी। इसी बीच एक एप वायरल जिसका नाम मित्रों एप (Mitron App)। इस एप को स्वदेशी या मेड इन इंडिया के नाम पर खूब प्रसारित किया गया और देखते-देखते 50 लाख से भी अधिक लोगों ने Mitron App डाउनलोड कर लिया, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस मित्रों एप को आप मेड इन इंडिया मानकर डाउनलोड कर रहे हैं, वह वास्तव में इंडिया का है ही नहीं।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक Mitron App एप को पाकिस्तानी सॉफ्टवेयर डेवलपर इरफान शेख से खरीदा गया है, जबकि दावा किया गया था कि इस एप को आईआईटी, रुड़की के एक छात्र शिवांक अग्रवाल ने तैयार किया है। आपको बता दें कि मित्रों एप का असली नाम TicTic एप है जिसे पाकिस्तान के इरफान शेख की कंपनी Qboxus ने तैयार किया था।

इरफान शेख ने इस एप के सोर्स कोड को 34 डॉलर्स यानी करीब 2,500 रुपये में किसी को बेच दिया। अब यहां समस्या को डेवलपर और पाकिस्तान से नहीं है, समस्या है प्राइवेसी और मेड इन इंडिया के नाम पर प्रचार करने की। सच तो यह है कि पाकिस्तानी टिकटिक एप में कोई बदलाव ही नहीं किया गया है। सिर्फ टिकटिक का नाम मित्रों रख दिया गया है।

यदि आप गूगल प्ले-स्टोर पर जाकर मित्रों एप की प्राइवेसी पॉलिसी पर क्लिक करें तो आपको shopkiller.in का लिंक मिलेगा लेकिन यह लिंक ब्लैंक है। इसका मतलब यह है कि मित्रों एप की कोई प्राइवेसी पॉलिसी ही नहीं है।

ऐसे में आपको नहीं पता कि मित्रों एप पर आपके द्वारा अपलोड किए गए वीडियोज का इस्तेमाल कहां और किस तरीके से होगा। इसके अलावा मित्रों एप को भारत में किसने खरीदा और किसने गूगल प्ले-स्टोर पर पब्लिश किया है, यह अभी भी एक राज ही है।

MyNews36 App डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.