भारत में कोरोना के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी जा रही है। कोरोना से बचाव के लिए देश भर में लगातार कोरोना टीका लगाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि भारत में 12 से 14 साल की उम्र के 60 फीसदी बच्चों को कोरोना टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए उत्साह दिख रहा है।

इससे दो दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि अभी 5 से 12 साल के बच्चों का कोरोना टीकाकरण शुरू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह(NTAGI) की सिफारिश के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। वहीं, डीसीजीआई ने बीते बुधवार को 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 वैक्सीन कॉर्बेवैक्स (Corbevax) के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी।

6-12 साल के बच्चों के लिए डीसीजीआई ने दी है आपात इस्तेमाल की मंजूरी

डीसीजीआई ने 6-12 आयुवर्ग के लिए कोरोना वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ (Covaxin) को आपात इस्तेमाल (EUA) की मंजूरी दे दी है। कोवाक्सिन को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने तैयार किया है। कोरोना की चौथी लहर और बच्चों में बढ़ते संक्रमण के बीच इसे बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि मौजूदा स्थिति में सबसे ज्यादा संकट स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर ही है। बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने 16 मार्च से 12-14 साल के बच्चों को कॉर्बेवैक्स वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी थी।

डीसीजीआई ने 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए ZycovD की मंजूरी दी

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने बीते मंगलवार को 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए ZycovD (Zydus Cadila Vaccine) को आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्रदान किया।

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